नक्सलवाद का खात्मा: अमित शाह बोले- बस्तर से मिटाने होंगे इसके निशान

Ghazala Saheb15 October 20262 min read0 viewsBihar
नक्सलवाद का खात्मा: अमित शाह बोले- बस्तर से मिटाने होंगे इसके निशान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि नक्सलवाद का केवल खात्मा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके द्वारा समाज पर छोड़े गए हर निशान को भी मिटाना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि बस्तर को फिर से एक जीवंत और समृद्ध क्षेत्र बनाने के लिए संघर्ष जारी रहना चाहिए।

अमित शाह ने यह बात 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा और समर्पण के 25 वर्षों के उपलक्ष्य में पूरे देश में आयोजित किया जा रहा है। शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरण वितरण समारोह को संबोधित किया।

बस्तर के जख्मों को भरने का संकल्प

गृह मंत्री ने कहा कि पिछले पांच दशकों में नक्सलवाद ने बस्तर के गरीब आदिवासी समुदायों को अपार पीड़ा दी है। उन्होंने नक्सलियों द्वारा राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए मासूम नागरिकों को अपंग बनाने के उद्देश्य से आईईडी (IED) के उपयोग की कड़ी निंदा की। शाह ने इसे मानवाधिकारों का सबसे गंभीर उल्लंघन करार दिया।

उन्होंने कहा,

"नक्सलवाद के खत्म होने मात्र से पांच दशकों का दर्द नहीं मिटेगा। हमें इस पीड़ा से मिले जख्मों को भरना होगा, पीड़ितों को फिर से अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि वे गरिमा और सम्मान के साथ जी सकें।"

31 मार्च 2026 तक का लक्ष्य

अमित शाह ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार 31 मार्च, 2026 से पहले पूरे देश से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य न केवल हिंसा को रोकना है, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों का कायाकल्प करना भी है।

दिव्यांगों को मिल रही है नई उम्मीद

इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में उन दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान किए जा रहे हैं, जो नक्सली हिंसा का शिकार हुए हैं। जगदलपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 3,600 से अधिक दिव्यांगों को लाभान्वित किया गया, जिनमें से 1,570 से अधिक लाभार्थी अकेले बस्तर क्षेत्र से थे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि इस क्षेत्र ने हिंसा के कारण कितना भारी नुकसान सहा है।

सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे प्रमुख उपकरणों में शामिल हैं:

  • व्हीलचेयर और ट्राइसाइकिल
  • बैसाखियां (Crutches)
  • श्रवण यंत्र (Hearing aids)
  • स्मार्ट वॉकिंग स्टिक
  • कृत्रिम अंग (Artificial limbs)

डर के साये से खेलों के मैदान तक

अमित शाह ने बस्तर के बदलते परिवेश पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में कभी गोलियों और बम धमाकों की गूंज से डर का माहौल रहता था, वहां अब बदलाव की लहर है। आज बस्तर के हजारों युवा खेलों में भाग ले रहे हैं और अपनी समृद्ध परंपराओं को जीवित रख रहे हैं।

उन्होंने बस्तर के विकास के लिए चल रही विभिन्न पहलों जैसे बस्तर ओलंपिक, बस्तर पांडुम और अन्य सरकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया, जो इस क्षेत्र को हिंसा के साये से बाहर निकालकर खुशहाली की ओर ले जा रही हैं।

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