'मोदी का बाप भी जाएगा': खड़गे के विवादित बयान पर भड़के अमित शाह, कांग्रेस पर साधा निशाना

पटना में मल्लिकार्जुन खड़गे के 'मोदी का बाप भी जाएगा' वाले बयान पर अमित शाह और नितिन नबीन ने कांग्रेस को जमकर घेरा।

Ghazala Saheb25 October 20262 min read0 viewsBihar
'मोदी का बाप भी जाएगा': खड़गे के विवादित बयान पर भड़के अमित शाह, कांग्रेस पर साधा निशाना

पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दिए गए एक बेहद विवादित बयान ने बिहार से लेकर दिल्ली तक सियासी हलचल तेज कर दी है। खड़गे के "मोदी का बाप भी जाएगा" वाले टिप्पणी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेता नितिन नबीन ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस को जमकर आड़े हाथों लिया है।

क्या है पूरा विवाद?

यह पूरा मामला रविवार को पटना में आयोजित डॉ. श्री कृष्ण सिंह की 139वीं जयंती समारोह के दौरान का है। कार्यक्रम के दौरान जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे अपना संबोधन दे रहे थे, तभी भीड़ में से किसी व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए खड़गे ने कहा, "मोदी का बाप भी जाएगा।"

खड़गे ने केवल इतना ही नहीं कहा, बल्कि प्रधानमंत्री पर झूठ बोलने का आरोप भी लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री ने अपने पहले 100 दिनों में काला धन वापस लाने की बात कही थी, लेकिन वह पैसा कहां गया? इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा को खत्म करने की भी बात कही।

अमित शाह का तीखा पलटवार: 'कांग्रेस की राजनीति अब केवल गाली-गलौज तक सीमित'

खड़गे के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने पटना में प्रधानमंत्री के पिता के बारे में अभद्र टिप्पणी करके राजनीतिक मर्यादा की सारी सीमाएं तोड़ दी हैं।

अमित शाह ने कांग्रेस के पुराने इतिहास को याद दिलाते हुए कहा:

  • यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने मोदी जी या उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है।
  • कभी उनकी पूजनीय माता का अपमान किया गया, तो कभी उन्हें 'मौत का सौदागर' कहा गया।
  • कभी उनकी गरीबी का मजाक उड़ाते हुए उन्हें 'चायवाला' कहकर चिढ़ाया गया।

शाह ने आगे कहा कि पिछले 12 वर्षों की लगातार चुनावी हार ने कांग्रेस के भीतर हताशा और कुंठा भर दी है। उनके अनुसार, कांग्रेस के पास अब न तो कोई नीति बची है और न ही कोई मुद्दा, इसलिए वे केवल 'गाली-गलौज की राजनीति' पर निर्भर हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि जनता ने हर बार कांग्रेस की इस नफरत भरी राजनीति का करारा जवाब दिया है।

नितिन नबीन ने बताया 'वैचारिक दिवालियापन'

भाजपा नेता नितिन नबीन ने भी खड़गे के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि देश के माननीय प्रधानमंत्री के प्रति खड़गे द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा कांग्रेस के 'वैचारिक दिवालियापन' को दर्शाती है।

नबीन ने कहा कि राजनीतिक विपक्ष की भी एक गरिमा होती है, लेकिन सार्वजनिक मंचों से दिवंगत परिवार के सदस्यों को घसीटना अब राहुल गांधी और पूरी विपक्ष की 'संस्कृति' बन गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब विपक्ष के पास देश के विकास, नीतियों और जन कल्याणकारी योजनाओं पर बहस करने के लिए कोई ठोस मुद्दे नहीं बचते, तब वे इस तरह के व्यक्तिगत हमले करने लगते हैं।

Share:

Comments

Leave a comment