'Regime Change' शब्द का गलत इस्तेमाल हो रहा है: आनंद शर्मा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने 'रेजीम चेंज' (शासन परिवर्तन) शब्द के इस्तेमाल को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत में 'रेजीम चेंज' की बात करना गलत है और इस शब्द का इस्तेमाल बहुत ही लापरवाही से किया जा रहा है। शर्मा ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में सरकारें केवल मतपत्र (ballot) के माध्यम से बदलती हैं, न कि किसी अनैतिक तरीके से।
'रेजीम' और 'सरकार' के बीच का अंतर
आनंद शर्मा ने 'रेजीम' शब्द की व्याख्या करते हुए कहा कि इसका अर्थ पूरे ढांचे से है, जिसमें देश का संविधान शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'रेजीम' का मतलब पूरे संवैधानिक ढांचे को बदलना होगा, जो संभव नहीं है क्योंकि कांग्रेस इसी की रक्षा कर रही है।
उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन संविधान और नागरिकों के अधिकार स्थायी हैं। सरकारें जनता के भरोसे और वोटों से सत्ता में रहती हैं। यदि जनता किसी सरकार से असंतुष्ट है, तो वह चुनाव के जरिए उसे बदल सकती है। इसलिए, 'रेजीम चेंज' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना गलत है और इस पर सावधानी बरतनी चाहिए।"
चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल
पूर्व मंत्री ने चुनावी प्रणाली और संस्थाओं पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और हमारे पास सर्वोच्च न्यायालय, संसद और चुनाव आयोग जैसी मजबूत संस्थाएं हैं। हालांकि, उन्होंने एक महत्वपूर्ण मांग करते हुए कहा कि "चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को बहाल किया जाना चाहिए" ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर जनता का अटूट विश्वास बना रहे।
बीजेपी बनाम कांग्रेस: 'बांग्लादेश मॉडल' का आरोप
यह राजनीतिक बयान ऐसे समय में आया है जब भाजपा और कांग्रेस के बीच 'रेजीम चेंज' को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर आरोप लगाया है कि वे बांग्लादेश की तरह भारत में भी सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहे हैं।
- किरेन रिजिजू: उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि "भारत बांग्लादेश नहीं है" और उन्होंने राजनीतिक विरोधियों पर अराजकता फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं को अस्थिर करने का आरोप लगाया।
- राजनाथ सिंह: रक्षा मंत्री ने भी कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के जरिए अराजकता फैलाने और सरकार बदलने का प्रयास कर रहे हैं।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पी. चिदंबरम ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार बदलना एक सामान्य प्रक्रिया है और भाजपा इस पर बेवजह "दिखावटी गुस्सा" दिखा रही है। वहीं, पवन खेड़ा ने स्पष्ट किया कि विपक्ष का उद्देश्य केवल चुनाव के माध्यम से सरकार बदलना है, जो कि एक लोकतांत्रिक अधिकार है।