ईरान ने खाड़ी देश बहरीन में शिया समुदाय के दो लोगों को फां”सी दिए जाने की कड़ी निंदा की है। ईरान ने आरोप लगाया कि बहरीन में असहमति रखने वालों को सरकार निशाना बना रही है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को फायरिंग स्क्वॉड की टीम ने आतंकवाद के मामले में दोषी ठहराए 25 साल के अली अल-अरब और 24 वर्षीय अहमद अल-मलाली को गोली मारकर मौ’त के घाट उतार दिया। अली और मलाली को फरवरी, 2017 में गि’रफ्ता’र किया गया था। एक साल बाद 2018 में इन्हें मौत की सजा सुनाई गई।
 
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मौसवी ने दोनों युवाओं की सजा पर बहरीन सरकार की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि बहरीन में लगातार राजनीतिक विरोधियों खासकर शियाओं का दमन किया जा रहा है। बिना निष्पक्ष सुनवाई विरोधियों को सजा दी जा रही है। बहरीन को ऐसी सजा पर रोक लगानी चाहिए।

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बता दें कि राजनीतिक सुधार की मांग को लेकर बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोगों ने 2011 में प्रदर्शन किया था। इस दौरान काफी हिंसा हुई थी। तब से अब तक सैकड़ों लोगों को गि’रफ्ता’र किया जा चुका है। इसके बाद से बहरीन में हिंसा और तनाव का दौर चल रहा है। बहरीन का आरोप है कि ईरान समर्थित शिया संगठन देश को अस्थिर करने का प्रयास कर रहा है।

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