अररिया में नशे के खिलाफ प्रशासन सख्त, संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी और निगरानी बढ़ाने के निर्देश

अररिया में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार और नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए डीएम विनोद दूहन और एसपी जितेन्द्र कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नर्कों कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) और भारत-नेपाल सीमा से जुड़े मुद्दों पर विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के साथ चर्चा की गई। बैठक की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
- डीएम ने जिला औषधि निरीक्षक को एसएसबी, पुलिस और मद्यनिषेध विभाग के साथ मिलकर औषधि केंद्रों की जांच करने को कहा।
- सोनापुर और सिकटी में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं।
- सभी सुरक्षा एजेंसियों को नशे के खिलाफ प्रचार और कार्रवाई में आपसी सहयोग करने का निर्देश दिया गया।
- पुलिस को नशीले पदार्थों के मामलों में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ समय पर जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने को कहा गया।
- पंचायत प्रतिनिधियों के जरिए पंचायत स्तर पर नशीले पदार्थों के खिलाफ व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाएगा।
- जिला शिक्षा पदाधिकारी को स्कूलों की उच्च कक्षाओं के बच्चों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया।
नशा मुक्ति केंद्र और सीमा सुरक्षा पर जोर
फारबिसगंज अनुमंडल में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने के प्रयास करने का निर्देश दिया गया है ताकि नशे के आदी लोगों को इलाज मिल सके। भारत-नेपाल सीमा से जुड़ी बैठक में एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और सूचनाओं के आदान-प्रदान पर जोर दिया गया। सीमा क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा और बैंकिंग जैसे कई विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। डीएम ने सभी अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने और सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया है।