अररिया: दुर्गा पूजा के लिए बकरों की भारी मांग, पशु हाटों में उमड़ी भीड़

Ghazala Saheb17 October 20262 min read0 viewsBihar
अररिया: दुर्गा पूजा के लिए बकरों की भारी मांग, पशु हाटों में उमड़ी भीड़

बिहार के अररिया जिले में शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा के उत्सव को लेकर बाजारों में जबरदस्त रौनक देखी जा रही है। विशेष रूप से पशु हाटों में बकरों की खरीददारी के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। महानवमी के अवसर पर धार्मिक परंपराओं का पालन करने के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में मवेशियों की खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं।

इन प्रमुख बाजारों में बढ़ी चहल-पहल

जिले के विभिन्न हिस्सों में लगने वाले मवेशी हाटों में शनिवार को खरीदारों का तांता लगा रहा। पशुओं की खरीददारी के लिए मुख्य रूप से इन स्थानों पर भीड़ देखी गई:

  • बाजार समिति गेट
  • सिमराहा
  • बथनाहा
  • फारबिसगंज
  • नरपतगंज

आस्था और परंपरा का संगम

अररिया में वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा के अनुसार, शारदीय नवरात्र की महानवमी के दिन मां दुर्गा के सामने मन्नत पूरी होने पर बकरों की बलि दी जाती है। इस आस्था के कारण ही इस समय छागर और खस्सी की मांग में भारी उछाल आया है। ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहर के लोग भी अपने बजट और पसंद के अनुसार पशुओं का चयन करने पहुंच रहे हैं।

बकरों की प्रजाति और ताज़ा भाव

बाजार में पशुओं की मांग अधिक होने के कारण विक्रेताओं को भी अच्छे कारोबार की उम्मीद है। खरीदार पशुओं के आकार, बनावट और नस्ल को देखकर मोलभाव कर रहे हैं।

खरीदारों की पहली पसंद और कीमतें:

बाजार में बकरों की विभिन्न प्रजातियां उपलब्ध हैं और उनकी कीमतें भी अलग-अलग हैं:

  • लोकप्रिय नस्लें: खस्सी की खरीदारी में हीरा, करिया और गगनी प्रजाति के पशु खरीदारों की पहली पसंद बने हुए हैं।
  • बड़ी नस्ल के दाम: अच्छी नस्ल के खस्सी 10 हजार से 25 हजार रुपये तक में बिक रहे हैं।
  • छोटे खस्सी: कम बजट वाले खरीदारों के लिए छोटे आकार के खस्सी 3 हजार से 10 हजार रुपये तक उपलब्ध हैं।
धार्मिक आस्था और परंपराओं के चलते इस समय पशु बाजारों में सुबह से ही खरीद-बिक्री का सिलसिला जोरों पर है।

जैसे-जैसे दुर्गा पूजा के दिन नजदीक आ रहे हैं, पशु बाजारों में भीड़ और खरीदारी बढ़ने की पूरी संभावना है। फिलहाल, सुबह से ही बाजारों में रौनक बनी हुई है और लोग अपनी मन्नत और परंपराओं के अनुसार पशुओं का चयन कर रहे हैं।

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