अररिया: भैंसा हमले में घायल धीरेंद्र की मौत, परिवार में मचा कोहराम

अररिया के सिमराहा में भैंसा हमले से घायल धीरेंद्र ऋषिदेव की मौत हो गई। आर्थिक तंगी और आवारा पशुओं के आतंक ने एक परिवार को उजाड़ दिया।

Ghazala Saheb28 October 20262 min read0 viewsBihar
अररिया: भैंसा हमले में घायल धीरेंद्र की मौत, परिवार में मचा कोहराम

बिहार के अररिया जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। सिमराहा थाना क्षेत्र के आरटीमोहन पंचायत अंतर्गत तार टोला निवासी धीरेंद्र ऋषिदेव की मौत हो गई है। धीरेंद्र कुछ दिनों पहले एक भैंसे के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद से वे जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे थे।

सिर पर आई थी गंभीर चोट

मिली जानकारी के अनुसार, धीरेंद्र ऋषिदेव पर भैंसे ने अचानक हमला कर दिया था। इस हमले में उनके सिर पर बहुत गहरी और गंभीर चोटें आई थीं। हमले के बाद से ही उनका इलाज चल रहा था, लेकिन चोटें इतनी ज्यादा थीं कि आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया। धीरेंद्र की मौत की खबर सुनते ही उनके गांव और परिवार में चीख-पुकार मच गई है।

आर्थिक तंगी बनी बड़ी वजह?

बताया जा रहा है कि धीरेंद्र की मौत के पीछे आर्थिक अभाव भी एक बड़ी वजह हो सकती है। गंभीर रूप से जख्मी होने के बावजूद, पैसों की कमी के कारण उन्हें किसी बड़े अस्पताल में बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिल सकी। धीरेंद्र मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके जाने से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक के परिवार में उनकी पत्नी, तीन पुत्र और दो पुत्रियां हैं।

गांव में शोक का माहौल

धीरेंद्र अपने मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे और सामाजिक कार्यों में भी हमेशा सक्रिय रहते थे। उनकी मृत्यु की खबर मिलते ही उनके घर पर रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का तांता लग गया है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिससे पूरा गांव गमगीन है।

आवारा पशुओं पर नकेल कसने की मांग

इस घटना पर शोक व्यक्त करने पहुंचे भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष दिलीप पटेल ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने इस घटना को लेकर प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं।

"जिला प्रशासन को सड़कों पर छोड़े जाने वाले आवारा पशुओं पर तुरंत नकेल कसनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।"

दिलीप पटेल ने मांग की है कि प्रशासन आवारा पशुओं के आतंक को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए ताकि ऐसी जानलेवा घटनाएं दोबारा न हों।

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