2027 की जनगणना के लिए अररिया प्रशासन की तैयारी, ट्रेनिंग शुरू
अररिया जिला प्रशासन ने 2027 की जनगणना को सफल बनाने के लिए अधिकारियों हेतु दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है।

अररिया जिला प्रशासन ने वर्ष 2027 में होने वाली भारत की दूसरी जनगणना को सुचारू, सफल और त्रुटिहीन तरीके से संपन्न कराने के लिए कमर कस ली है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों और संबंधित सरकारी कर्मचारियों हेतु दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है।
दो चरणों में आयोजित होगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए इसे दो अलग-अलग बैचों में विभाजित किया गया है। प्रशिक्षण की समय-सारणी इस प्रकार है:
- पहला बैच: 31 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा।
- दूसरा बैच: 2 नवंबर से 3 नवंबर तक चलेगा।
इस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जिला पदाधिकारी एवं प्रधान जनगणना अधिकारी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
विकास योजनाओं के लिए डेटा का महत्व
प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने जनगणना की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त होने वाला डेटा देश के विकास के लिए रीढ़ की हड्डी की तरह है। इसी डेटा के आधार पर सरकार द्वारा:
- नई विकास योजनाओं का खाका तैयार किया जाता है।
- संसाधनों का उचित और न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित होता है।
- महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए जाते हैं।
डीएम ने सभी प्रशिक्षुओं को निर्देश दिया कि वे इस कार्य को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ करें। उन्होंने तकनीकी पहलुओं और दिशा-निर्देशों को गहराई से समझने पर जोर दिया ताकि जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन निर्धारित मानकों के अनुरूप हो सके। इसके साथ ही, उन्होंने नागरिकों को जागरूक करने और स्व-गणना (self-enumeration) की प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए एक प्रभावी जन-जागरूकता अभियान चलाने का भी आह्वान किया।
डेटा की गोपनीयता और तकनीकी निर्देश
बिहार जनगणना संचालन निदेशालय के मास्टर ट्रेनर, नीरज कुमार सिंह और रंजन कुमार सिन्हा ने प्रशिक्षण सत्र में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने जनगणना की विभिन्न चरणों और कार्यान्वयन की रणनीतियों पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा:
- डेटा गोपनीयता: जनगणना 'संघ सूची' के अंतर्गत आती है, इसलिए एकत्र किए गए व्यक्तिगत डेटा की गोपनीयता बनाए रखना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
- तकनीकी सटीकता: स्व-गणना की प्रक्रियाओं और जनभागीदारी बढ़ाने के तरीकों पर स्लाइड प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से समझाया गया।
- समन्वय: कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए आपसी समन्वय और प्रक्रियात्मक सटीकता आवश्यक है।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, अररिया और फारबिसगंज के अनुमंडल अधिकारी, जिला सांख्यिकी अधिकारी सहित सभी चार्ज अधिकारी और अन्य संबंधित विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।