छठ महापर्व के लिए अररिया में महातैयारी, नहर में पानी लाने को जेसीबी तैनात
अररिया नगर परिषद ने छठ महापर्व के लिए कमर कस ली है। एबीसी नहर में पानी लाने के लिए जेसीबी से खुदाई और बांध बनाने का काम जारी है।

अररिया में छठ महापर्व को लेकर उत्साह और तैयारियां चरम पर हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए नगर परिषद ने कमर कस ली है। विशेष रूप से घाटों पर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है ताकि व्रतियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
एबीसी नहर में पानी के लिए चला जेसीबी का पंजा
अररिया के विभिन्न छठ घाटों की साफ-सफाई के साथ-साथ पानी की व्यवस्था करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। एबीसी नहर में पानी की कमी को देखते हुए नगर परिषद ने एक वैकल्पिक योजना तैयार की है। जहांगीर बस्ती के समीप एबीसी नहर में पोकलेन और जेसीबी मशीनों की मदद से बांध बनाने का काम किया जा रहा है। इस बांध के निर्माण के बाद बोरिंग और पंपिंग सेट के जरिए नहर में पानी भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
श्रद्धालुओं के लिए 3 से 4 फीट पानी का लक्ष्य
नगर परिषद का मुख्य उद्देश्य यह है कि छठ व्रती जब भगवान सूर्य को अर्घ्य देने आएं, तो उन्हें पानी की समस्या न हो। प्रशासन का लक्ष्य नहर में कम से कम 3 से 4 फीट तक पानी का स्तर बनाए रखना है, ताकि श्रद्धालु आसानी से अर्घ्य दे सकें।
अगले 4-5 वर्षों तक नहर में पानी की समस्या
नगर परिषद के मुख्य पार्षद विजय मिश्रा ने बताया कि एबीसी नहर की स्थिति वर्तमान में काफी चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने जानकारी दी कि अगले चार से पांच वर्षों तक इस नहर में प्राकृतिक रूप से पानी आने की संभावना बहुत कम है। इसी कठिन परिस्थिति को देखते हुए छठ महापर्व के लिए यह विशेष वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि घाटों पर साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है और व्रतियों की सुविधा सर्वोपरि है।
परमान नदी के घाटों पर भी सफाई जारी
नगर परिषद केवल एबीसी नहर पर ही नहीं, बल्कि शहर में परमान नदी के तट पर स्थित छठ घाटों पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। इन घाटों की व्यापक साफ-सफाई कराई जा रही है। इसके साथ ही घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों को भी दुरुस्त किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में कोई परेशानी न हो।