अररिया: बाल विवाह मिटाने निकले जागरूकता रथ, डीएम ने दिखाई हरी झंडी
अररिया के डीएम विनोद दूहन ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाई। यह रथ जिले की सभी पंचायतों में भ्रमण करेगा।

अररिया जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से खत्म करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को समाहरणालय परिसर से 'बाल विवाह मुक्त भारत अभियान' के तहत एक विशेष जन-जागरूकता रथ को रवाना किया गया। जिला पदाधिकारी (डीएम) विनोद दूहन ने हरी झंडी दिखाकर इस रथ को रवाना किया।
जिले के कोने-कोने में पहुंचेगा संदेश
इस जागरूकता रथ का मुख्य उद्देश्य जिले के हर नागरिक तक बाल विवाह के खतरों की जानकारी पहुंचाना है। यह रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण करेगा, जिसमें शामिल हैं:
- जिले की सभी 211 ग्राम पंचायतें।
- सभी नगर पंचायत क्षेत्र।
- नगर परिषद के इलाके।
ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा ताकि लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और इससे जुड़े सख्त कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया जा सके।
बच्चों के भविष्य पर गहरा असर
इस अवसर पर डीएम विनोद दूहन ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को अररिया को बाल विवाह मुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प दिलाया। उन्होंने इस सामाजिक बुराई पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह बच्चों के सर्वांगीण विकास में सबसे बड़ी बाधा है।
"बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति है, जिसका बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और उनके सुनहरे भविष्य पर बहुत ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसे मिटाने के लिए समाज के हर व्यक्ति की सहभागिता बेहद जरूरी है।"
अभियान में शामिल प्रमुख अधिकारी
इस कार्यक्रम के दौरान प्रशासन के कई महत्वपूर्ण अधिकारी और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित लोग शामिल हुए:
- डीपीओ और डीएसपी हेडक्वार्टर
- सहायक निदेशक और बाल संरक्षण इकाई के कर्मी
- डीडब्ल्यूओ और जिला परियोजना प्रबंधक
- जिला मिशन समन्वयक और निगम के कर्मचारी
- विभिन्न एनजीओ (NGO) के प्रतिनिधि