अररिया: बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने का मिशन, मुखियाओं को मिली जिम्मेदारी
अररिया में बाल विवाह को खत्म करने के लिए जिला स्तरीय बैठक हुई। मुखियाओं को ग्राम पंचायत को बाल विवाह मुक्त बनाने की जिम्मेदारी दी गई।

अररिया जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से मिटाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। जिले की सभी ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने के लक्ष्य के साथ शुक्रवार को डीआरडीए सभागार में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय समन्वय, परामर्श एवं उन्मुखीकरण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त इस कुरीति के उन्मूलन के लिए एक ठोस रणनीति तैयार करना है।
पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका पर विशेष जोर
बैठक के दौरान इस बात पर गहन चर्चा की गई कि बाल विवाह की रोकथाम में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। अधिकारियों ने कहा कि पंचायत स्तर पर प्रभावी कार्य योजना तैयार करने के लिए सामुदायिक सहभागिता और विभागीय समन्वय का होना अनिवार्य है। बैठक में बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए बताया गया कि कैसे स्थानीय स्तर पर निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा सकता है।
पंचायत स्तर पर प्रभावी कार्य योजना के मुख्य बिंदु
बैठक में पंचायत स्तर पर निम्नलिखित रणनीतियों पर चर्चा की गई:
- पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना।
- सामुदायिक निगरानी तंत्र को और अधिक सशक्त बनाना।
- विभिन्न सरकारी विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना।
- जन-जागरूकता के माध्यम से समाज की मानसिकता में बदलाव लाना।
मुखियाओं को दिया गया सक्रिय होने का मंत्र
इस अवसर पर उपस्थित विभिन्न पंचायतों के मुखियाओं को प्रेरित करते हुए कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्हें इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करने और समाज को जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
"पंचायत स्तर पर जन-जागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक निगरानी को मजबूत करने से ही हम बाल विवाह जैसी कुरीति को सफलतापूर्वक समाप्त कर पाएंगे।"
बैठक में मौजूद रहे प्रमुख अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जिनमें जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आसीडीएस), पुलिस उपाधीक्षक, सहायक निदेशक बाल संरक्षण इकाई और बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सहित अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे। सभी ने मिलकर जिले को बाल विवाह से मुक्त करने का संकल्प लिया।