अररिया: कटे होंठों के इलाज के लिए 5 बच्चों को पटना भेजा गया

अररिया में RBSK कार्यक्रम के तहत 5 बच्चों को कटे होंठ और तालू के इलाज के लिए पटना के अस्पताल भेजा गया है।

Ghazala Saheb25 October 20262 min read0 viewsBihar
अररिया: कटे होंठों के इलाज के लिए 5 बच्चों को पटना भेजा गया

अररिया जिले में स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लौटाने के लिए एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल की है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत, जिले के पांच बच्चों को कटे हुए होंठ और तालू (cleft lip and palate) की समस्या के इलाज के लिए पटना भेजा गया है। इन बच्चों को उन्नत चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए जिला स्वास्थ्य समिति ने विशेष इंतजाम किए हैं।

RBSK की मुस्तैदी से मिली राहत

जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा चलाए जा रहे RBSK कार्यक्रम के माध्यम से जिले में बच्चों की निरंतर स्क्रीनिंग की जा रही है। इस अभियान के तहत RBSK मोबाइल हेल्थ टीम (MHT) ने सक्रियता दिखाते हुए जिले में ऐसे 19 बच्चों की पहचान की थी, जो इस विशेष उपचार के पात्र थे।

स्वास्थ्य टीम द्वारा किए गए शुरुआती परीक्षणों और गहन जांच के बाद, पांच बच्चों को उन्नत चिकित्सा हस्तक्षेप और सर्जरी के लिए सबसे उपयुक्त पाया गया। इन बच्चों की स्थिति को देखते हुए उन्हें विशेषज्ञ उपचार के लिए रेफर किया गया है।

पटना के अस्पताल में होगा विशेष उपचार

इन पांच बच्चों को विशेष जांच, उपचार और सर्जरी के लिए पटना के 'मेडी-वर्सल मातृ अस्पताल' (Medi-Versal Matri Hospital) भेजा गया है। शनिवार शाम को इन बच्चों और उनके अभिभावकों को अररिया जिला स्वास्थ्य समिति के परिसर से तीन एंबुलेंस के जरिए सुरक्षित रूप से रवाना किया गया।

मेडिकल टीम ने संभाली पूरी जिम्मेदारी

बच्चों की इस यात्रा और उनके इलाज की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी तरह मुस्तैद रही। इस पूरी प्रक्रिया का संचालन निम्नलिखित अधिकारियों और कर्मियों की देखरेख में किया गया:

  • डॉ. डोली साह: जिला समन्वयक (DC-RBSK), अररिया
  • डॉ. भास्कर नारायण: स्वास्थ्य विशेषज्ञ
  • डॉ. आफताब: स्वास्थ्य विशेषज्ञ
  • नरेश कुमार: फार्मासिस्ट, फोर्ब्सगंज

फोर्ब्सगंज के फार्मासिस्ट नरेश कुमार को भी बच्चों के साथ भेजा गया है, ताकि पटना के अस्पताल में होने वाली नैदानिक जांच और उपचार प्रक्रियाओं के दौरान बच्चों को हर संभव सहायता मिल सके और इलाज में कोई बाधा न आए।

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