अररिया में नशे के खिलाफ महायुद्ध: 27 अक्टूबर से मेगा अभियान
अररिया जिला प्रशासन 27 अक्टूबर से एक महीने का विशेष नशा मुक्ति अभियान चलाएगा। शराब और तंबाकू के खिलाफ जन-जागरूकता के लिए कई बड़े कदम उठाए जाएंगे।

अररिया जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी विनोद दुहन की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में जिले में एक महीने तक चलने वाले गहन नशा मुक्ति जागरूकता अभियान का रोडमैप तैयार किया गया है। यह अभियान 27 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को शराब, तंबाकू, गुटखा और अन्य नशीले पदार्थों के घातक प्रभावों के प्रति सचेत करना है।
चार चरणों में विभाजित होगा अभियान
अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसे चार अलग-अलग चरणों में बांटा गया है, ताकि समाज के हर वर्ग तक संदेश पहुँचाया जा सके:
- नगर की प्रतिज्ञा: 27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक शहरी क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
- गांव का संकल्प: 1 नवंबर से 7 नवंबर तक ग्रामीण इलाकों में जागरूकता फैलाई जाएगी।
- पर्व और परिवार: 8 नवंबर से 16 नवंबर तक त्योहारों के माहौल में पारिवारिक स्वास्थ्य पर जोर दिया जाएगा।
- युवा जोश: 17 नवंबर से 25 नवंबर तक युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अभियान का समापन 26 नवंबर को 'नशा मुक्ति दिवस' के विशेष कार्यक्रमों के साथ होगा।
बिजली बिल और बस टिकट पर भी दिखेगा नशा विरोधी संदेश
इस अभियान की सबसे अनोखी बात इसकी पहुंच है। प्रशासन ने जागरूकता फैलाने के लिए ऐसे माध्यम चुने हैं जो सीधे आम जनता के जीवन से जुड़े हैं। बिजली आपूर्ति विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया गया है कि वे बिजली बिलों पर नशा विरोधी नारे छापें।
इसी तरह, जिला परिवहन अधिकारी के माध्यम से सार्वजनिक बसों के टिकटों पर भी संदेश छपवाए जाएंगे। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में, सिविल सर्जन यह सुनिश्चित करेंगे कि अस्पतालों और ओपीडी (OPD) पर्चियों पर नशा मुक्ति से जुड़े पोस्टर और स्लोगन लगाए जाएं। शहरी क्षेत्रों में एलईडी वैन, स्ट्रीट प्ले (नुक्कड़ नाटक), ऑडियो जिंगल्स और सेल्फी स्टैंड के जरिए लोगों का ध्यान खींचा जाएगा।
जीविका दीदियाँ और धार्मिक संस्थाएं बनेंगी सहारा
ग्रामीण स्तर पर इस अभियान को सफल बनाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और जीविका दीदियों की बड़ी भूमिका होगी। जीविका दीदियों के बीच 'नशा मुक्त मित्र' समूह बनाए जाएंगे, जो गांवों में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। इसके साथ ही, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय जैसी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा।
त्योहारों के सीजन को देखते हुए, दिवाली और छठ पूजा के दौरान पंडालों और घाटों पर विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी समाचार पत्रों, रेडियो, टेलीविजन और सिनेमा हॉल के माध्यम से इस संदेश को व्यापक रूप से प्रसारित करेंगे।
शिक्षा और संस्कृति के माध्यम से जागरूकता
छात्रों को इस मुहिम से जोड़ने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी स्कूलों और कॉलेजों में निबंध लेखन, वाद-विवाद और विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन कराएंगे। नशा मुक्ति दिवस पर 'प्रभात फेरी' भी निकाली जाएगी। इसके अलावा, जिला कला एवं संस्कृति अधिकारी सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करेंगे।