भ्रष्टाचार पर प्रहार: अररिया में सत्यनिष्ठा की शपथ
अररिया में सतर्कता अभिचेतना सप्ताह के तहत डीएम विनोद दूहन ने अधिकारियों को भ्रष्टाचार के खिलाफ ईमानदारी और पारदर्शिता की शपथ दिलाई।

अररिया में सत्यनिष्ठा की शपथ लेने का एक बड़ा अभियान शुरू हुआ है। सतर्कता अभिचेतना सप्ताह के तहत, भ्रष्टाचार के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। सोमवार को समाहरणालय स्थित परमान सभागार में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ जिलाधिकारी विनोद दूहन ने जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को ईमानदारी की शपथ दिलाई।
भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट हुआ प्रशासन
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार की जड़ पर प्रहार करना है। शपथ के माध्यम से सभी को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों का पालन करने का संकल्प दिलाया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार केवल एक नैतिक बुराई नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक प्रगति में सबसे बड़ी बाधा है।
रिश्वत न लेने और न देने का संकल्प
शपथ ग्रहण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने कई महत्वपूर्ण प्रतिज्ञाएं लीं, जिनमें शामिल हैं:
- जीवन के सभी क्षेत्रों में कानून के शासन का पालन करना।
- रिश्वत न लेने और न देने का दृढ़ निश्चय।
- सभी सरकारी कार्यों को पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ संपन्न करना।
- जनहित को हमेशा सर्वोपरि रखना।
इसके अलावा, सभी कर्मियों ने यह भी संकल्प लिया कि वे अपने व्यक्तिगत आचरण से समाज के सामने एक उदाहरण पेश करेंगे। यदि उन्हें कहीं भी भ्रष्टाचार की किसी भी गतिविधि की सूचना मिलती है, तो वे तुरंत संबंधित एजेंसी को इसकी जानकारी देंगे। इस अवसर पर जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समाहरणालय के तमाम कर्मी मौजूद रहे।