अररिया: डीएम ने मॉडल स्कूल में परखी पढ़ाई, स्मार्ट क्लास में लापरवाही पर एक्शन

अररिया जिले के फारबिसगंज स्थित द्विजदेनी उच्च विद्यालय-सह-मॉडल स्कूल में गुरुवार को उस वक्त हलचल मच गई, जब जिलाधिकारी विनोद दूहन अचानक निरीक्षण करने पहुंच गए। डीएम ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं से लेकर संसाधनों के रखरखाव तक का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्कूल की व्यवस्थाओं में कुछ कमियां पाईं, जिस पर उन्होंने तुरंत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
स्मार्ट क्लास में लापरवाही पर गिरी गाज
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय में संचालित स्मार्ट क्लास का अवलोकन किया। स्मार्ट क्लास के संचालन में पाई गई खामियों और लापरवाही को देखते हुए डीएम ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने न केवल स्मार्ट क्लास प्रभारी से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा, बल्कि उनके वेतन को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का भी आदेश दे दिया। डीएम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आधुनिक तकनीक का उपयोग छात्रों के हित में सही ढंग से हो रहा है या नहीं।
लैब और जिम की स्थिति का लिया जायजा
डीएम विनोद दूहन ने केवल कक्षाओं तक ही सीमित न रहकर विद्यालय के अन्य महत्वपूर्ण संसाधनों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया:
- प्रयोगशाला (Lab): उन्होंने लैब में उपलब्ध वैज्ञानिक उपकरणों और संसाधनों की स्थिति देखी ताकि छात्रों को प्रैक्टिकल शिक्षा में कोई समस्या न हो।
- जिम (Gym): विद्यार्थियों के शारीरिक विकास के लिए जिम के रखरखाव और वहां उपलब्ध सुविधाओं को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि शैक्षणिक और शारीरिक, दोनों तरह के वातावरण को बेहतर बनाना अनिवार्य है।
छात्रों से सीधा संवाद और सफाई व्यवस्था
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं और शिक्षकों के साथ उनके अनुभव के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही, उन्होंने विद्यालय परिसर की साफ-सफाई और सुव्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यालय में उपलब्ध सभी संसाधनों का समुचित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
शिक्षा व्यवस्था सुधारने के सख्त निर्देश
जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्मार्ट क्लास के नियमित संचालन, प्रयोगशाला और जिम के उचित रखरखाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। डीएम ने जोर देकर कहा कि इस निरीक्षण का मुख्य लक्ष्य विद्यार्थियों को एक ऐसा अनुकूल वातावरण प्रदान करना है, जहाँ वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें।