अररिया: डीएम-एसपी ने परखा पूजा पंडालों का सुरक्षा इंतजाम, दिए कड़े निर्देश

अररिया जिले में शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। जिलाधिकारी विनोद दूहन और पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार ने फारबिसगंज के विभिन्न पूजा पंडालों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया और पूजा समितियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम और एसपी के साथ फारबिसगंज के एसडीएम अभय कुमार तिवारी, एसडीपीओ राजकिशोर कुमार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पंडालों में जाकर पूजा समितियों के सदस्यों के साथ मंत्रणा की और उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
सीसीटीवी और आपदा प्रबंधन पर विशेष जोर
जिलाधिकारी विनोद दूहन ने पूजा समितियों को सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देने को कहा:
- सीसीटीवी कैमरा: सुरक्षा की दृष्टि से सभी प्रमुख पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।
- आपदा प्रबंधन: किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या आपदा से बचाव के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
- जनभागीदारी: भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूजा समिति के सदस्य प्रशासन के साथ मिलकर सक्रिय भूमिका निभाएं।
डीएम ने स्पष्ट किया कि शारदीय नवरात्र के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
भीड़ और यातायात नियंत्रण की तैयारी
शारदीय नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के पट खुलने के बाद पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की है। इसके अलावा, शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भी विशेष योजना तैयार की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पुलिस बल की होगी दोहरी तैनाती
पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विसर्जन के दिन और नवरात्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
एसपी ने कहा कि स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारी और जवान न केवल वर्दी में तैनात रहेंगे, बल्कि सफेद ड्रेस (सादे कपड़ों) में भी तैनात किए जाएंगे। इससे भीड़ के बीच रहकर स्थिति को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।