बागनगर पहुंचे डीएम: पंचायत विकास दिवस पर ग्रामीणों से सीधा संवाद

अररिया जिले के जोकीहाट प्रखंड अंतर्गत बागनगर में 'पंचायत विकास दिवस' का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में जिलाधिकारी विनोद दूहन ने शिरकत की और पंचायत की विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत, राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।
विकास योजनाओं की समीक्षा और भविष्य की रूपरेखा
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पंचायत में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने ई-ग्राम स्वराज और ई-पंचायत पोर्टल के माध्यम से चल रही योजनाओं की जानकारी ली और वर्तमान कार्यों पर हुए व्यय का जायजा लिया। डीएम ने न केवल वर्तमान कार्यों की स्थिति देखी, बल्कि आगामी विकास योजनाओं की रूपरेखा पर भी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ गहन विचार-विमर्श किया। स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नई योजनाओं को शामिल करने पर भी चर्चा की गई।
किसानों के लिए आत्मनिर्भर बनने का मंत्र
जिलाधिकारी ने कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रहें, बल्कि सब्जी, फल और अन्य लाभकारी फसलों की खेती को भी अपनाएं। उन्होंने ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए:
- पशुपालन और डेयरी: आय बढ़ाने के लिए पशुपालन को बढ़ावा दें।
- मत्स्य पालन: मछली पालन जैसी संबद्ध गतिविधियों से जुड़ें।
- विविध फसलें: पारंपरिक फसलों के साथ आधुनिक खेती अपनाएं।
पारदर्शिता और जनभागीदारी पर जोर
डीएम विनोद दूहन ने स्पष्ट किया कि पंचायत विकास दिवस का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को योजना निर्माण की प्रक्रिया का हिस्सा बनाना है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है ताकि ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जा सके।
पंचायत विकास दिवस का लक्ष्य ग्रामीणों को विकास की योजना बनाने में जोड़ना और ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाना है।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके। जिलाधिकारी ने उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी और पारदर्शी उपयोग के भी निर्देश दिए।
समस्याओं का मौके पर समाधान
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं को जिलाधिकारी के समक्ष रखा। डीएम ने ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित पदाधिकारियों को इन समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।