दुर्गा पूजा में आग का खतरा! अररिया में सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त

Ghazala Saheb14 October 20262 min read0 viewsBihar
दुर्गा पूजा में आग का खतरा! अररिया में सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त

अररिया में दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या अग्नि दुर्घटना से बचाव के उद्देश्य से जिला अग्निशमन पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार प्रसाद ने जनप्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में पूजा पंडालों की अग्नि सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बिजली के तारों और शॉर्ट सर्किट पर विशेष नजर

बैठक के दौरान डॉ. अशोक कुमार प्रसाद ने स्पष्ट किया कि पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा ही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने पूजा समितियों को कड़े निर्देश दिए कि पंडालों में होने वाली दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट होता है। इससे बचने के लिए निम्नलिखित कदम उठाना अनिवार्य है:

  • पंडालों में लगे बिजली के तारों, लाइटों, स्विच बोर्ड और जनरेटर की नियमित जांच कराई जाए।
  • पंडालों में पर्याप्त संख्या में अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguishers) उपलब्ध हों।
  • समिति के जिम्मेदार व्यक्तियों को अग्निशामक यंत्रों के सही उपयोग की पूरी जानकारी होनी चाहिए।

भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन निकास की व्यवस्था

दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है। जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने पंडालों की बनावट और वहां से लोगों के आवागमन को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए:

पंडालों में प्रवेश और निकास के द्वार स्पष्ट और बाधामुक्त होने चाहिए ताकि भीड़ की स्थिति में भी लोग सुरक्षित बाहर निकल सकें। इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति में अग्निशमन वाहनों और एम्बुलेंस के आने-जाने के लिए रास्ता हमेशा खुला रखना आवश्यक है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित विभाग को सूचना देने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

जनप्रतिनिधियों से समन्वय की अपील

प्रशासन ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग की अपील की है। उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में पूजा समितियों के साथ समन्वय स्थापित करने और अग्नि सुरक्षा के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के लिए कहा गया है। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि यदि सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी दिखाई देती है, तो उसे समय रहते दूर किया जाए ताकि जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।

"श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। पूजा समितियों को सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।"
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