अररिया: मैट्रिक और इंटर परीक्षा के केंद्रों का चयन, 61,866 छात्र बैठेंगे परीक्षा में
अररिया में मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए केंद्रों का चयन किया गया है। कुल 61,866 छात्र परीक्षा देंगे।

अररिया में आगामी मैट्रिक और इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षाओं को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। जिलाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में शनिवार को परीक्षा केंद्र चयन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी परीक्षाओं के सफल, सुव्यवस्थित और कदाचारमुक्त संचालन के लिए अररिया बोर्ड परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं की समीक्षा करना था।
परीक्षा केंद्रों और परीक्षार्थियों का विवरण
बैठक के दौरान जिले में आयोजित होने वाली परीक्षाओं के लिए केंद्रों के निर्धारण की विस्तृत जानकारी साझा की गई। जिले में इस बार छात्रों की संख्या काफी अधिक है, जिसे देखते हुए निम्नलिखित व्यवस्था की गई है:
- मैट्रिक वार्षिक परीक्षा: इसके लिए जिले में कुल 44 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जहां 33,096 छात्र परीक्षा देंगे।
- इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा: इसके लिए कुल 45 परीक्षा केंद्र तय किए गए हैं, जिनमें 28,770 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
इस प्रकार, इस वर्ष अररिया जिले के कुल 61,866 परीक्षार्थी अपनी वार्षिक परीक्षाओं में सम्मिलित होंगे।
बुनियादी सुविधाओं पर जिलाधिकारी का सख्त निर्देश
जिलाधिकारी विनोद दूहन ने परीक्षा केंद्रों की गुणवत्ता को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी चयनित केंद्रों पर छात्रों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएं। बैठक में विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देने को कहा गया:
- परीक्षा हॉल में पर्याप्त संख्या में बेंच और डेस्क की उपलब्धता।
- छात्रों के लिए स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था।
- परीक्षा के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति।
- केंद्र परिसर में स्वच्छता और अनुशासन का माहौल।
शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त परीक्षा का लक्ष्य
प्रशासन का लक्ष्य है कि परीक्षा पूरी तरह से शांतिपूर्ण और विधि-व्यवस्था के साथ संपन्न हो। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे परीक्षा केंद्रों पर स्वच्छता और अनुशासन का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और छात्रों को एक स्वच्छ एवं कदाचारमुक्त वातावरण मिल सके।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी और अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे, जिन्होंने परीक्षा संचालन की तैयारियों पर अपनी रिपोर्ट पेश की।