अररिया में भीषण आग: आधा दर्जन दुकानें राख, रोजी-रोटी पर संकट

बिहार के अररिया जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जिले के सिमराहा रेणु प्रतिमा स्थल चौक पर शनिवार की मध्य रात्रि अचानक लगी भीषण आग ने तबाही मचा दी। इस अग्निकांड में आधा दर्जन से अधिक दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं, जिससे स्थानीय दुकानदारों को भारी आर्थिक चोट पहुंची है।
आधी रात को मची चीख-पुकार
घटना शनिवार देर रात की है, जब लोग गहरी नींद में थे। अचानक आग की लपटें उठती देख इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक, आग लगने से फल, सब्जी, भुजा और नाश्ते की दुकानें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकानदारों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
मंदिर को भी पहुंचा आंशिक नुकसान
इस भीषण अग्निकांड की चपेट में केवल दुकानें ही नहीं आईं, बल्कि पास ही स्थित शिव मंदिर प्रांगण के पंचमुखी हनुमान मंदिर को भी आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंदिर परिसर तक इसकी लपटें पहुंच गई थीं।
दमकल की कमी से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश
इस घटना ने सिमराहा क्षेत्र में अग्निशमन व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय लोगों और ग्रामीण जनप्रतिनिधियों का कहना है कि आग लगने की सूचना तुरंत सिमराहा पुलिस और अग्निशमन विभाग को दी गई थी, लेकिन जब तक दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंचती, तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था।
"सिमराहा और आसपास के इलाकों में आगजनी की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं, लेकिन दमकल की व्यवस्था न होने के कारण नुकसान को बढ़ने से नहीं रोका जा सका। यहाँ एक दमकल की सख्त जरूरत है।" - स्थानीय निवासी
क्षेत्र में दमकल की अनुपलब्धता को लेकर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में खासा आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए।
पीड़ित दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट
पीड़ित दुकानदारों में मो. रईस, मो. इस्माईल, असहाब, राकेश चौधरी, शिवकुमार मंडल और तिलक पासवान जैसे कई लोग शामिल हैं। इन दुकानदारों ने बताया कि उनका पूरा परिवार इन्हीं दुकानों से होने वाली कमाई पर निर्भर था। दुकानों के जल जाने से अब उनके सामने भरण-पोषण और रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही सिमराहा थानाध्यक्ष सह पुनि प्रेम कुमार भारती और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। पूर्व जिला परिषद सदस्य दिलीप पटेल और मुखिया प्रतिनिधि आफताब आलम उर्फ चुन्ना ने भी पीड़ित दुकानदारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और अंचल पदाधिकारी, फारबिसगंज को इस घटना की विस्तृत जानकारी दी है।