अररिया: जल-जीवन-हरियाली को जन आंदोलन बनाने पर जोर

अररिया में जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करने हेतु परिचर्चा आयोजित की गई।

Ghazala Saheb3 November 20262 min read0 viewsBihar
अररिया: जल-जीवन-हरियाली को जन आंदोलन बनाने पर जोर

अररिया के डीआरडीए सभागार में मंगलवार को 'जल-जीवन-हरियाली' अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, पर्यावरण की सुरक्षा और हरियाली के विस्तार के माध्यम से सतत विकास की दिशा में आम लोगों को जागरूक करना और इस अभियान में जनभागीदारी सुनिश्चित करना था।

सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत राज पदाधिकारी मनीष कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल सरकारी प्रयास काफी नहीं हैं, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।

"जल-जीवन-हरियाली अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा सामूहिक दायित्व है। जल संरक्षण और वृक्षारोपण हम सभी की जिम्मेदारी है।" — मनीष कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी

मनीष कुमार ने लोगों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में जल संरक्षण के तरीकों को अपनाएं और पर्यावरण के अनुकूल व्यवहार करें, ताकि इस अभियान को एक प्रभावी जन आंदोलन का रूप दिया जा सके।

जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के उपाय

परिचर्चा के दौरान विशेषज्ञों और अधिकारियों ने जल और पर्यावरण को बचाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। वक्ताओं ने बताया कि कैसे सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से ही इस अभियान के उद्देश्यों को धरातल पर उतारा जा सकता है। चर्चा के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:

  • वर्षा जल संचयन: बारिश के पानी को इकट्ठा करने और उसके सदुपयोग पर जोर।
  • पौधारोपण: हरियाली बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर पेड़ लगाने की आवश्यकता।
  • जलस्रोतों का संरक्षण: स्थानीय जल निकायों को साफ रखने और उन्हें पुनर्जीवित करने पर ध्यान।
  • व्यवहार परिवर्तन: प्राकृतिक संसाधनों के प्रति लोगों की सोच और आदतों में बदलाव लाना।

विभिन्न विभागों के अधिकारियों की रही मौजूदगी

इस कार्यक्रम में जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक, एनईपी निदेशक, जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी और जिला कल्याण पदाधिकारी सहित कई विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसके अलावा, अररिया वन प्रमंडल के रेंजर ऑफिसर, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी, अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी, एनडीआईओ और जीविका के सामाजिक विकास प्रबंधक सहित कई गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। सभी का साझा लक्ष्य जल और हरित संसाधनों के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाना रहा।

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