अररिया: जीविका दीदियों ने गांव को नशा मुक्त बनाने की ली शपथ
अररिया में जीविका दीदियों और ग्रामीणों ने नशा मुक्त समाज बनाने के लिए शपथ ली और प्रभात फेरी निकालकर जागरूकता का संदेश दिया।

अररिया जिले में 'नशा मुक्त बिहार' अभियान को धरातल पर उतारने के लिए एक बड़ी मुहिम शुरू की गई है। सोमवार को जिले के ग्रामीण इलाकों में जीविका दीदियों और स्थानीय ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपने गांवों को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज को नशे की बुराइयों से बचाना और एक स्वस्थ वातावरण तैयार करना है।
8 संकुल संघों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन
नशामुक्ति के इस संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। अररिया सदर प्रखंड के सात सीएलएफ (संकुल संघ) और भरगामा प्रखंड के एक सीएलएफ सहित कुल आठ संकुल संघों में जागरूकता सत्र चलाए गए। इन कार्यक्रमों में जीविका दीदियों के साथ-साथ जीविका के पदाधिकारियों, कर्मियों और मद्य निषेध विभाग के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
ब्रह्माकुमारी बहनों ने दी नशे से बचने की सीख
कार्यक्रम के दौरान प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने उपस्थित लोगों को नशे के घातक परिणामों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नशा न केवल व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि इससे सामाजिक और पारिवारिक ढांचा भी बिखर जाता है।
ब्रह्माकुमारी बहनों ने महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि महिलाएं अपने परिवार और आसपास के लोगों को नशे की लत से दूर रखने के लिए सबसे सशक्त माध्यम बन सकती हैं। उन्होंने सभी से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
प्रभात फेरी के जरिए दिया जागरूकता का संदेश
अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जीविका दीदियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभात फेरी भी निकाली। इस दौरान नारों और संदेशों के माध्यम से ग्रामीणों को नशे की बुराइयों के प्रति सचेत किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से शपथ ली। उन्होंने न केवल अपने परिवार और गांव को, बल्कि पूरे जिले को नशा मुक्त बनाने में अपना सक्रिय योगदान देने का दृढ़ संकल्प लिया।