अररिया: प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए मास्टर ट्रेनर होंगे तैयार
अररिया डीएम विनोद दूहन ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए मास्टर ट्रेनरों के चयन और जागरूकता अभियानों पर महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।

अररिया जिले में प्राकृतिक खेती को एक नई दिशा देने और इसे किसानों के बीच लोकप्रिय बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक में इस संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक का मुख्य एजेंडा राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत 'फॉर्मर मास्टर ट्रेनर' का चयन करना और जिले में प्राकृतिक खेती के विस्तार पर चर्चा करना था।
किसानों को प्रशिक्षित करेंगे मास्टर ट्रेनर
बैठक के दौरान मास्टर ट्रेनरों के चयन की प्रक्रिया और उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्रशासन की योजना है कि चयनित प्रशिक्षक सीधे तौर पर किसानों के बीच जाएंगे और उन्हें निम्नलिखित विषयों पर प्रशिक्षित करेंगे:
- प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकें और पद्धतियां।
- खेती में प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग।
- प्राकृतिक खेती अपनाने से होने वाले आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ।
इन प्रशिक्षकों का मुख्य उद्देश्य किसानों के बीच जागरूकता पैदा करना है ताकि वे रासायनिक खेती को छोड़कर इस सुरक्षित और लाभकारी पद्धति को अपनाने के लिए प्रोत्साहित हों।
'खेत बचाओ अभियान' से होगा व्यापक प्रचार-प्रसार
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्राकृतिक खेती का संदेश जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। इसके लिए कृषि विभाग को विशेष अभियानों के माध्यम से काम करने को कहा गया है।
प्रशासन द्वारा कृषि जन कल्याण चौपाल-सह-खेत बचाओ अभियान के माध्यम से जिले के सभी प्रखंडों और पंचायतों में प्राकृतिक खेती का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा। डीएम ने कृषि कर्मियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे किसानों को प्राकृतिक खेती की उपयोगिता, इसके महत्व और दीर्घकालिक लाभों से अवगत कराने के लिए प्रभावी जागरूकता गतिविधियां संचालित करें।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी सहित विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्राकृतिक खेती को धरातल पर उतारने के लिए अपनी कार्ययोजना साझा की।