अररिया में CEC के खिलाफ विपक्षी दलों का हल्ला बोल, फूंका पुतला

बिहार के अररिया जिला मुख्यालय में विपक्षी दलों के 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगते हुए विपक्षी दलों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन वोट चोरी के आरोपों और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए आयोजित किया गया था।
सुभाष स्टेडियम से चांदनी चौक तक प्रदर्शन
विरोध मार्च की शुरुआत सुभाष स्टेडियम से हुई, जहां कांग्रेस, राजद और माले सहित विभिन्न विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता एकजुट हुए। प्रदर्शनकारी हाथों में विभिन्न दलों के झंडे और तख्तियां लेकर निकले। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह मार्च एडीबी चौक से होता हुआ चांदनी चौक पहुंचा।
पुतला दहन और लोकतंत्र की रक्षा का नारा
चांदनी चौक पर प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों का कहना था कि चुनाव में पारदर्शिता बनाए रखना लोकतंत्र की मजबूती के लिए अनिवार्य है। नेताओं ने आरोप लगाया कि वोट चोरी की घटनाओं ने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डीएम को सौंपा ज्ञापन
पुतला दहन के बाद यह विरोध मार्च समाहरणालय स्थित जिलाधिकारी (DM) के कार्यालय पहुंचा। वहां गठबंधन के नेताओं ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की और वोट चोरी के आरोपों की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग रखी।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख नेता
इस विरोध मार्च में विपक्षी दलों के कई दिग्गज चेहरे शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
- मासूम रेजा (कांग्रेस जिलाध्यक्ष)
- गुलशन आरा (महिला जिलाध्यक्ष, कांग्रेस)
- अविनाश आनंद (राजद जिलाध्यक्ष)
- मनीष यादव (नरपतगंज राजद प्रत्याशी)
- करण कुमार पप्पू (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)
- इरशाद सिद्दीकी
- आबिद हुसैन अंसारी
प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।