अररिया: रेलवे क्वार्टर की दीवार से बंद होगा रास्ता? स्थानीय लोगों का हंगामा
अररिया रेलवे स्टेशन पर क्वार्टर की चहारदीवारी बनाने को लेकर स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध किया। लोगों का कहना है कि इससे उनका पुराना रास्ता बंद हो जाएगा।

बिहार के अररिया में रेलवे स्टेशन परिसर के पास उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब रेलवे प्रशासन द्वारा निर्माणाधीन रेलवे क्वार्टर की चहारदीवारी के गैप को बंद करने का काम शुरू किया गया। इस कार्रवाई का स्थानीय निवासियों ने पुरजोर विरोध किया है, जिससे मौके पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा।
50 साल पुराना रास्ता है दांव पर
नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 3 के निवासियों का आरोप है कि रेलवे द्वारा चहारदीवारी का खाली हिस्सा भरने से उनका दशकों पुराना रास्ता बंद हो जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पिछले करीब 50 वर्षों से इसी मार्ग का उपयोग स्टेशन और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुँचने के लिए करते आ रहे हैं।
लोगों ने चिंता जताई है कि यदि यह रास्ता बंद होता है, तो मोहल्ले के निवासियों को स्टेशन जाने के लिए लगभग तीन किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा, जिससे उन्हें भारी असुविधा होगी।
मौके पर पहुंची पुलिस और आरपीएफ
हंगामे की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी, आरपीएफ के जवान और स्थानीय थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँचे। स्थानीय युवक मोहम्मद आरिफ ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस रास्ते को बंद न किया जाए।
पुलिस और अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया, जिसके बाद निर्माण कार्य को फिर से शुरू किया जा सका।
क्या कहती है रेलवे प्रशासन?
इस विवाद पर अररिया आरएस स्टेशन मास्टर अशोक कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि:
"चहारदीवारी रेलवे की अपनी जमीन पर ही बनाई जा रही है। निर्माण के दौरान सुरक्षा और तकनीकी पहलुओं को देखते हुए घेराबंदी की जा रही है, जिसमें करीब साढ़े तीन फीट की जगह का ध्यान रखा गया है।"