अररिया: त्योहारों में भीड़ से कैसे बचें? बच्चों को सिखाए सुरक्षा मंत्र

अररिया जिले के फारबिसगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला मधुर में 'मुख्यमंत्री सुरक्षा कार्यक्रम' के तहत एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को आगामी त्योहारों के दौरान होने वाली भीड़भाड़ और उससे उत्पन्न होने वाले जोखिमों के प्रति सचेत करना था।
अक्टूबर माह के दूसरे शनिवार को आयोजित इस 'सुरक्षित शनिवार' के दौरान बच्चों को व्यावहारिक रूप से सुरक्षा के गुर सिखाए गए। फोकल शिक्षक संजीत कुमार निगम और आंगनबाड़ी सेविका मीना टुड्डू ने बच्चों को बताया कि दशहरा, छठ और मोहर्रम जैसे बड़े त्योहारों के समय जब बहुत अधिक भीड़ होती है, तो ऐसी स्थिति में खुद को कैसे सुरक्षित रखना चाहिए और भगदड़ जैसी स्थिति से कैसे बचना चाहिए।
मॉकड्रिल के जरिए सीखा सुरक्षित निकास का तरीका
बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं दिया गया, बल्कि उन्हें वास्तविक स्थितियों का सामना करने के लिए तैयार भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान मॉकड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों को सिखाया गया कि यदि अचानक भीड़ बढ़ जाए या कोई आपातकालीन स्थिति पैदा हो जाए, तो सुरक्षित निकास (Safe Exit) का उपयोग कैसे करना है। इस अभ्यास का उद्देश्य बच्चों के भीतर आत्मविश्वास पैदा करना और संकट के समय घबराने के बजाय सही कदम उठाने की क्षमता विकसित करना था।
बैगलेस डे: विज्ञान की दुनिया से कराया परिचय
सुरक्षा प्रशिक्षण के साथ-साथ, इस दिन 'बैगलेस डे' परियोजना के तहत विद्यार्थियों के लिए कुछ अन्य रोचक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। शिक्षिका कंचनमाला एवं कुमारी भारती ने विद्यार्थियों को महान वैज्ञानिक डॉ. सी.वी. रमन और अन्य प्रमुख वैज्ञानिकों के जीवन संघर्ष और उनके महान योगदानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को किताबी बोझ से दूर रखकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रेरणा से जोड़ना था।
इस विशेष अवसर पर प्रधान शिक्षक मिथिलेश कुमार सिंह, युवा शिक्षक रंजीत कुमार मंडल और पूर्व प्रधानाध्यापक कुमार राजीव रंजन ने भी बारी-बारी से बच्चों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सहायिका सनीचरी देवी, रसोईया लुखी देवी, ललिता कुमारी, आरती मुर्मू और पूर्व छात्रा शांति कुमारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।