अररिया: डॉ. कलाम और महाकवि निराला को छात्रों ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

Ghazala Saheb15 October 20262 min read0 viewsBihar
अररिया: डॉ. कलाम और महाकवि निराला को छात्रों ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

बिहार के अररिया जिले में शिक्षा, साहित्य और स्वास्थ्य का एक अनूठा संगम देखने को मिला। अररिया के आदिवासी टोला मधुरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में गुरुवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और महान हिंदी कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की जयंती के अवसर पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

मिसाइल मैन की याद में बनी मानव श्रृंखला

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती को 'विद्यार्थी दिवस' के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने एक बेहद खास पहल की और डॉ. कलाम के नाम से एक मानव श्रृंखला बनाई। यह दृश्य विद्यार्थियों के उनके प्रति सम्मान को प्रदर्शित कर रहा था।

कार्यक्रम में पूर्व प्रधानाध्यापक कुमार राजीव रंजन ने डॉ. कलाम के जीवन पर चर्चा करते हुए उन्हें 'मिसाइल मैन ऑफ इंडिया' के रूप में याद किया। उन्होंने बताया कि मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में उनके योगदान ने देश को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे डॉ. कलाम के जीवन से सीख लें और बड़े सपने देखने के साथ-साथ उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करें।

साहित्यिक विरासत को किया नमन

जहाँ एक ओर विज्ञान की चर्चा हुई, वहीं दूसरी ओर हिंदी साहित्य की समृद्ध विरासत को भी याद किया गया। शिक्षक संजीत कुमार निगम ने महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की जयंती पर उनकी साहित्यिक उपलब्धियों के बारे में विद्यार्थियों को बताया। उन्होंने निराला जी की कविताओं का पाठ भी किया, जिससे छात्र हिंदी साहित्य की गहराई और सुंदरता से परिचित हो सके।

स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता

इस कार्यक्रम में केवल महापुरुषों को याद ही नहीं किया गया, बल्कि बच्चों को स्वस्थ जीवन जीने के गुर भी सिखाए गए। 'हाथ धुलाई दिवस' के अवसर पर शिक्षक रंजीत कुमार मंडल ने स्वच्छता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बच्चों को सिखाया कि बीमारियों से बचने के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता कितनी आवश्यक है।

स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए बच्चों को निम्नलिखित निर्देश दिए गए:

  • भोजन करने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना।
  • शौचालय का उपयोग करने के बाद हाथों की सफाई करना।
  • हाथों को धोने का सही और प्रभावी तरीका अपनाना।

इस पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान शिक्षक मिथिलेश कुमार सिंह ने की। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में महान व्यक्तित्वों के प्रति सम्मान, साहित्य के प्रति रुचि और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करना था।

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