अररिया के स्काउट्स-गाइड्स बनेंगे 'आपदा मित्र', मिली विशेष ट्रेनिंग
अररिया के स्काउट्स और गाइड्स को 'युवा आपदा मित्र योजना' के तहत आपदा प्रबंधन की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्हें किट और बीमा भी मिलेगा।

अररिया जिले के स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स और रेंजर्स को आपदा के समय समाज के लिए मददगार बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। भारत सरकार की 'युवा आपदा मित्र योजना 2024' के तहत इन युवाओं को आपदा प्रबंधन की विशेष और गहन ट्रेनिंग दी जा रही है।
यह महत्वपूर्ण पहल राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), गृह मंत्रालय और बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त प्रयासों से संचालित की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं को आपदा की स्थिति में कुशल बचावकर्मी के रूप में तैयार करना है।
आपदा के समय कैसे करें बचाव?
पटना के संपत चौक स्थित ईगल व्यू में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा विभिन्न तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को निम्नलिखित स्थितियों से निपटने के विशेष तरीके सिखाए गए:
- बाढ़ और भूकंप: पानी के बढ़ते स्तर और भूकंप के दौरान सुरक्षित रहने और बचाव के तरीके।
- आग और बिजली गिरना: आग लगने की स्थिति में बचाव कार्य और बिजली गिरने पर तत्काल राहत।
- सड़क दुर्घटनाएं: दुर्घटना स्थल पर तुरंत की जाने वाली कार्रवाई।
- खोज और बचाव (Search and Rescue): आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को ढूंढना और सुरक्षित निकालना।
- प्राथमिक चिकित्सा (First Aid): चोट लगने पर दी जाने वाली मदद और CPR देने की तकनीक।
ट्रेनिंग पूरी होने पर क्या मिलेगा?
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले युवाओं को बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से कई महत्वपूर्ण सुविधाएं और प्रोत्साहन दिए जाएंगे:
- लगभग 10,500 रुपये मूल्य का विशेष 'आपदा मित्र किट'।
- प्रशिक्षण का आधिकारिक प्रमाण पत्र (Certificate)।
- पहचान पत्र (ID Card)।
- फील्ड ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बीमा (Insurance) की सुविधा।
150 युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य
अररिया के जिला संगठन आयुक्त (स्काउट) और बिहार राज्य नोडल अधिकारी बैजनाथ प्रसाद ने बताया कि जिले के कुल 150 युवाओं को इस योजना के तहत प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 46 प्रतिभागी प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं, जिनमें से 30 ने पिछले चरणों में भी ट्रेनिंग ली थी।
इस योजना के लिए 18 से 40 वर्ष की आयु के भारत स्काउट्स और गाइड्स के सक्रिय सदस्य पात्र हैं। प्रशिक्षण के अगले चरणों के लिए भविष्य में प्रतिभागियों को पटना भेजा जाएगा। जानकारी के अनुसार, अगला प्रशिक्षण शिविर 19 नवंबर, 2026 को शुरू होने वाला है।
"हमारा लक्ष्य अररिया के 150 युवाओं को आपदा प्रबंधन में माहिर बनाना है ताकि वे संकट के समय समाज की प्रभावी ढंग से मदद कर सकें।" - बैजनाथ प्रसाद, नोडल अधिकारी
इस प्रशिक्षण सत्र में अररिया के कई युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें कृष्णनंदन कुमार, मोहम्मद शाहिद आलम, मोहम्मद सबदुल, रमजानी, सुफियान, मेहंदी हुसैन, दीपक कुमार, तौफीक, शंकर कुमार, वंदना कुमारी, तलहात परवीन, तंजीम फात्मा, काजल कुमारी और अनीता कुमारी प्रमुख रूप से शामिल रहे।