अररिया में स्मैक की बड़ी बरामदगी: 3 करोड़ का नशा और दो तस्कर गिरफ्तार
अररिया में स्मैक की बड़ी बरामदगी हुई है। पुलिस ने 3 करोड़ रुपये की स्मैक के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है।

अररिया जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अररिया में स्मैक की बड़ी बरामदगी की है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान करीब तीन करोड़ रुपये की कीमत वाली भारी मात्रा में स्मैक जब्त की है। इस मामले में दो मुख्य तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा।
छापेमारी और तस्करों की गिरफ्तारी
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में स्मैक की बड़ी खेप की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही आरएस थाना पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने सबसे पहले आरएस थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या सात निवासी 29 वर्षीय इफ्तेखार उर्फ टीपू के घर पर छापेमारी की। वहां से पुलिस को 102 ग्राम स्मैक और एक मोबाइल बरामद हुआ।
इफ्तेखार से कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस को उसके साथियों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस की टीम अररिया नगर थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या 20 में स्थित एक किराए के मकान पर पहुंची। वहां से पुलिस ने मिन्हाज रशीद उर्फ हर्ष (26 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।
3 करोड़ की स्मैक और आईफोन जब्त
पुलिस की इस कार्रवाई में कुल 1734 ग्राम स्मैक बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग तीन करोड़ रुपये आंकी जा रही है। तस्करों के पास से एक आईफोन भी जब्त किया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह स्मैक कहां से लाई जा रही थी और अररिया में इसे किन-किन लोगों को सप्लाई किया जाना था।
आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। इफ्तेखार उर्फ टीपू पर पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के तहत दो मामले दर्ज हैं, वहीं मिन्हाज रशीद के खिलाफ भी एक मामला दर्ज है। इस छापेमारी के दौरान एक अन्य आरोपी, मोहम्मद रिजवान, पुलिस की गिरफ्त से भागने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश जारी है।
नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस ड्रग नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक को जोड़ने में लगी है। यानी यह पता लगाया जा रहा है कि इस तस्करी के पीछे मुख्य मास्टरमाइंड कौन है और इस नशे का जाल कितना गहरा है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर जल्द ही उन्हें भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।