SSB मुख्यालय में मिलेट्स का जलवा: बाजरा-रागी के पकवानों ने जीता दिल

अररिया के एसएसबी मुख्यालय में मिलेट्स से बने स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजनों की प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें बाजरा और रागी के अनोखे पकवान पेश किए गए।

Ghazala Saheb24 October 20262 min read0 viewsBihar
SSB मुख्यालय में मिलेट्स का जलवा: बाजरा-रागी के पकवानों ने जीता दिल

अररिया के बथनाहा स्थित एसएसबी 56वीं वाहिनी मुख्यालय में शनिवार को एक बेहद खास और स्वास्थ्यवर्धक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पारंपरिक और पौष्टिक खान-पान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यहाँ 'मिलेट्स (श्री अन्न) एवं बेकिंग प्रतियोगिता' आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण मिलेट्स से तैयार किए गए स्वादिष्ट और सेहतमंद व्यंजन रहे।

मिलेट्स के व्यंजनों ने बिखेरी महक

इस कार्यक्रम में 'संदीक्षा' की सदस्याओं ने अपनी पाक कला का अद्भुत प्रदर्शन किया। उन्होंने मिलेट्स (मोटे अनाजों) को आधुनिक रूप देते हुए कई ऐसे व्यंजन तैयार किए, जो न केवल दिखने में आकर्षक थे, बल्कि स्वाद में भी लाजवाब थे। प्रतियोगिता के दौरान लगाए गए स्टॉल्स पर विभिन्न प्रकार के पौष्टिक व्यंजनों की भरमार थी।

क्या-क्या था खास?

संदीक्षा सदस्याओं ने अपनी रचनात्मकता दिखाते हुए निम्नलिखित अनूठे व्यंजन पेश किए:

  • बाजरा खीर और रागी लड्डू
  • रागी मोमोज और रागी इडली
  • ज्वार टिक्की चाट और ज्वार दही बड़ा
  • बाजरा-रागी लिट्टी-चोखा
  • रागी मिल्क शेक और ज्वार-बाजरा पकोड़ा
  • रागी पूरी-छोले

स्वास्थ्य और स्वाद का अनूठा संगम

वाहिनी के द्वितीय कमान अधिकारी प्रवीण कुमार के कुशल निर्देशन और संदीक्षा उपाध्यक्षा प्रियांजली शर्मा की उपस्थिति में संपन्न हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को मिलेट्स के महत्व के प्रति जागरूक करना था। सदस्याओं ने बताया कि मिलेट्स न केवल हमारे स्वास्थ्य के लिए, बल्कि पर्यावरण के लिए भी अत्यंत लाभकारी हैं।

मिलेट्स को आधुनिक व्यंजनों के रूप में ढालने का यह प्रयास सराहनीय है, जो स्वास्थ्य और स्वाद दोनों का बेहतरीन मेल है।

विजेताओं को किया गया सम्मानित

प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सदस्याओं ने अत्यंत उत्साह दिखाया और मिलेट्स के स्वास्थ्य लाभों का संदेश फैलाया। कार्यक्रम के अंत में, प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली संदीक्षा सदस्याओं को संदीक्षा उपाध्यक्षा प्रियांजली शर्मा द्वारा पुरस्कृत किया गया। इस आयोजन ने पारंपरिक खान-पान को एक नई पहचान देने का काम किया है।

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