एसटीएफ पर हमला करने वाले तस्करों का खौफनाक इतिहास

अररिया के नरपतगंज थाना क्षेत्र में एसटीएफ (STF) टीम पर हुए हमले ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तस्कर दयानंद साह, राजकुमार साह और जुल्फिकार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। लेकिन इन गिरफ्तारियों के पीछे छिपी सच्चाई और इन आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद खौफनाक है।
नशे का सौदागर और नेपाल जेल ब्रेक कांड का कनेक्शन
गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी दयानंद साह को मादक पदार्थों की तस्करी का बड़ा 'मठाधीश' माना जाता है। जानकारी के अनुसार, वह शराब, गांजा, स्मैक और प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार का किंग है। उसका आपराधिक इतिहास इतना गहरा है कि वह नेपाल में 'जेन जी' आंदोलन के दौरान जेल में था। उस दौरान नेपाल में हुए जेल ब्रेक कांड के बाद वह फरार हो गया था और बिहार के देवीगंज में अपने निर्माणाधीन आलीशान मकान में छिपकर अपने अवैध धंधे चला रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आलीशान मकान तस्करी की काली कमाई से ही खड़ा किया जा रहा है।
पुलिसवालों की मौत और एसएसबी पर हमले का दाग
दयानंद साह और उसके साथियों पर केवल तस्करी ही नहीं, बल्कि कानून के रखवालों पर हमले के भी गंभीर आरोप हैं:
- ASI की मौत: 12 मार्च 2025 को फुलकाहा थाना क्षेत्र में एएसआई राजीव रंजन मल्ल की गिरफ्तारी के दौरान हुई हाथापाई में उनकी मौत हो गई थी, जिसमें दयानंद साह का नाम प्रमुखता से आया था।
- एसएसबी पर हमला: गांजा तस्करी के दौरान एसएसबी (SSB) की टीम पर हमला करने के मामले में भी इन आरोपियों की संलिप्तता रही है।
मवेशी तस्करी और संगठित अपराध का नेटवर्क
इन अपराधियों का नेटवर्क केवल नशे तक सीमित नहीं है। आरोप है कि यह पूरी टीम उत्तर प्रदेश सहित बिहार के अन्य राज्यों से एनएच 27 मार्ग के जरिए होने वाली मवेशी तस्करी में 'लाइनर' के रूप में काम करती है। इस गिरोह में खैरा चंदा के मुखिया नूरजहां के पति मो. उमर फारूक का भी नाम शामिल है, जिस पर हत्या सहित कई संगीन मामले दर्ज हैं।
हाल ही में इस गिरोह से जुड़ा एक और बड़ा मामला सामने आया था, जब डीआईयू की टीम ने अबू कलाम को 100 किलो गांजे के साथ एक स्कॉर्पियो गाड़ी से गिरफ्तार किया था। अबू कलाम, उमर फारूक का भाई बताया जाता है।
फिलहाल, एसटीएफ टीम पर हुए इस ताज़ा हमले के बाद फारबिसगंज एसडीपीओ के नेतृत्व में नरपतगंज थाना पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी जारी है।