अररिया में मिड-डे मील पर संकट: 5 महीने से भुगतान नहीं होने पर शिक्षकों की चेतावनी

अररिया में 5 महीने से मिड-डे मील का भुगतान नहीं होने पर शिक्षकों ने 1 नवंबर से योजना बंद करने की चेतावनी दी है। इससे 4.75 लाख छात्र प्रभावित होंगे।

Ghazala Saheb23 October 20262 min read0 viewsBihar
अररिया में मिड-डे मील पर संकट: 5 महीने से भुगतान नहीं होने पर शिक्षकों की चेतावनी

अररिया जिले में मिड-डे मील (MDM) योजना को लेकर एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पिछले पांच महीनों से फंड जारी न होने के कारण शिक्षकों ने अब इस योजना को बंद करने की चेतावनी दी है। यदि 31 अक्टूबर तक सभी बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो 1 नवंबर से जिले के सभी स्कूलों में मिड-डे मील का संचालन पूरी तरह से रोक दिया जाएगा।

4.75 लाख बच्चों का भविष्य खतरे में

एलीमेंट्री टीचर ऑर्गनाइजेशन कोऑर्डिनेशन कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) से मुलाकात की और बकाया भुगतान के संबंध में एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं हुआ, तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे। इस संभावित विरोध प्रदर्शन का सीधा असर जिले के लगभग 4.75 लाख छात्र-छात्राओं पर पड़ेगा, जिन्हें स्कूल में दोपहर का भोजन मिलता है।

प्रतिनिधिमंडल में प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राम प्रताप वर्मा, बिहार स्पेशल टीचर/हेड टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रशांत कुमार, बिहार स्टेट एलीमेंट्री टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद ज़फर रहमानी और प्रतिनिधि राहुल झ शामिल थे।

GST का पेच और स्थानीय वेंडरों की समस्या

शिक्षकों ने भुगतान में आ रही बाधा का मुख्य कारण GST रजिस्ट्रेशन को बताया है। शिक्षकों का कहना है कि स्कूल आमतौर पर स्थानीय और छोटे पैमाने के वेंडरों से आवश्यक सामग्री खरीदते हैं, जिनके पास GST रजिस्ट्रेशन नहीं होता है।

राम प्रताप वर्मा ने बताया कि:

  • जब वेंडर आईडी बनाई गई थी, तब GST रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं था।
  • विभाग ने खुद ही बिना GST वाले वेंडरों को आईडी जारी की थी।
  • अब पांच महीने की सेवा के बाद भुगतान में बाधा डालना अनुचित है।

शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन केवल GST पंजीकृत वेंडरों से ही सामान खरीदने पर जोर देता है, तो ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में मिड-डे मील देना असंभव हो जाएगा जहां ऐसी दुकानें उपलब्ध नहीं हैं।

विभाग का रुख: फंड की कमी नहीं है

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) साहेब आलम ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मिड-डे मील योजना के लिए फंड की कोई कमी नहीं है।

DEO के अनुसार:

  1. भुगतान के लिए एक नई चरणबद्ध प्रणाली अपनाई जा रही है।
  2. वर्तमान में भुगतान प्रक्रिया GST पंजीकृत वेंडरों के लिए सक्रिय है।
  3. मई तक के भुगतान किए जा चुके हैं और आगे की प्रक्रिया जारी है।
  4. रसोइयों (Cooks) के दो महीने के वेतन का भुगतान भी कर दिया गया है।

अधिकारी ने प्रधानाध्यापकों, वेंडरों और शिक्षक संघों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि सभी समस्याओं का समाधान जल्द ही कर लिया जाएगा।

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