भारत की पहली बुलेट ट्रेन: अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु में जांची प्रगति
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु में भारत की पहली बुलेट ट्रेन के निर्माण का निरीक्षण किया और प्रोजेक्ट की प्रगति को शानदार बताया।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को बेंगलुरु के बीईएमएल (BEML) में भारत की पहली बुलेट ट्रेन के निर्माण कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे 'शानदार' बताया और कहा कि निर्माण कार्य अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चल रहा है।
तकनीकी मजबूती और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर जोर
निरीक्षण के बाद मीडिया से बात करते हुए रेल मंत्री ने बताया कि बुलेट ट्रेन के सभी प्रमुख घटकों का निर्माण, एकीकरण और परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
वैष्णव ने तकनीकी बारीकियों को समझाते हुए कहा, "चूंकि इतनी तेज गति पर ट्रेन के आसपास वैक्यूम (निर्वात) की स्थिति पैदा होती है, इसलिए वायुमंडलीय दबाव को प्रबंधित करना और उसे बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। इसके लिए 1500 किलोन्यूटन के लोड पर कड़ा परीक्षण किया जा रहा है। हर घटक का परीक्षण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार किया जा रहा है।"
बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर का तोहफा
बुलेट ट्रेन के निरीक्षण से पहले, अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह नई ट्रेन सेवा बेंगलुरु के सर एम विश्वेश्वरैया रेलवे स्टेशन (SMVT) को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) से जोड़ेगी।
पीएम मोदी का कर्नाटक को बड़ा उपहार
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने इस नई ट्रेन सेवा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कर्नाटक के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण उपहार बताया। उन्होंने यात्रियों के उत्साह का जिक्र करते हुए कहा कि इस रूट पर मांग इतनी अधिक है कि ट्रेन अगले तीन हफ्तों के लिए पहले ही पूरी तरह बुक हो चुकी है।
तेजस्वी सूर्या ने यह भी जानकारी दी कि रेल मंत्री ने एक और प्रमुख मांग पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया है: बेंगलुरु को हुबली के माध्यम से पुणे से जोड़ने के लिए एक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (बुलेट ट्रेन कॉरिडोर) का निर्माण।