नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स अब टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर! अश्विनी वैष्णव ने राज्यों को दिया बड़ा टास्क, बुलेट ट्रेन पर भी आया बड़ा अपडेट

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक बेहद दिलचस्प प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा है कि अब नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों (Tourist Destinations) पर आयोजित किया जाना चाहिए। इस नई पहल का उद्देश्य सिनेमा के गौरवशाली सम्मान को भारत की सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत के साथ जोड़ना है।
पर्यटन और सिनेमा का नया संगम
अश्विनी वैष्णव ने गुजरात के केवडिया (एकता नगर) में आयोजित समारोह का उदाहरण देते हुए इस बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि एकता नगर में दुनिया की सबसे ऊंची सरदार पटेल की प्रतिमा स्थित है और वहां पुरस्कार समारोह आयोजित करना एक शानदार अनुभव रहा है।
वैष्णव ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर हमने नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक ले जाने की पहल की है। पहले ये समारोह केवल कॉन्फ्रेंस रूम या हॉल तक सीमित थे। लेकिन यदि हम इन्हें पर्यटन स्थलों पर आयोजित करते हैं, तो इससे न केवल फिल्म जगत के कलाकारों को एक नया मंच मिलेगा, बल्कि उस पर्यटन स्थल को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।"
राज्यों के लिए चुनौती: अपने बेस्ट टूरिस्ट स्पॉट का नाम दें
रेल मंत्री ने सभी राज्यों से इस नई परंपरा में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने राज्यों को एक खास टास्क दिया है:
- अपने राज्य के सबसे महत्वपूर्ण और सुंदर पर्यटन स्थलों के लिए नामांकन भेजें।
- यह भी बताएं कि उस पर्यटन स्थल पर आप क्या-क्या सुधार करने जा रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सुधारों के साथ किसी राज्य के पर्यटन स्थल का चयन होता है, तो अगले नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स वहीं आयोजित किए जा सकेंगे।
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट: कब तक पटरी पर आएगी रफ्तार?
फिल्म अवॉर्ड्स के साथ-साथ, अश्विनी वैष्णव ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की प्रगति पर भी एक महत्वपूर्ण अपडेट साझा किया। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट का काम बहुत तेजी से चल रहा है और इसके कुछ प्रमुख पड़ाव इस प्रकार हैं:
- निर्माण कार्य: इस साल दिसंबर तक सूरत से वापी वाले पहले सेक्शन का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
- पटरी पर उतरने का समय: अगले साल अप्रैल या मई तक, भारत में डिजाइन और निर्मित बुलेट ट्रेन पटरियों पर दौड़ने के लिए तैयार होगी।
मंत्री ने गर्व के साथ कहा कि यह बुलेट ट्रेन पूरी तरह से "मेड इन इंडिया" है, जिसका डिजाइन और बौद्धिक संपदा अधिकार (IP rights) भारत के पास हैं।
तकनीकी मजबूती और टेस्टिंग का दौर
बुलेट ट्रेन के तकनीकी पहलुओं पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान में ट्रेन के विभिन्न हिस्सों पर काम चल रहा है:
- ट्रेन की बॉडी की मजबूती जांचने के लिए 'स्क्वीज टेस्ट' किया जा रहा है।
- बोगी और कार बॉडी का निर्माण पूरा हो चुका है और वे तैयार हैं।
- प्रोपल्शन सिस्टम, व्हील डिजाइन और वाहन इलेक्ट्रॉनिक्स का काम भी उन्नत चरण में है।
- व्हील्स का ओवरहेड इलेक्ट्रिकल सिस्टम (पेंटोग्राफ) और