एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026: पंजाब के मैदान पर लौटेगी सुरजीत अकादमी के सितारों की चमक

भारतीय हॉकी के दिग्गज खिलाड़ियों के लिए एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026 केवल एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट नहीं है, बल्कि यह अपनी जड़ों की ओर लौटने और उन सपनों को फिर से जीने का अवसर है, जो उन्होंने पंजाब की मिट्टी में बोए थे। जालंधर और मोहाली में आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम के कई चमकते सितारे अपने ही घर में खेलते नजर आएंगे, जो उनके लिए एक बेहद भावुक और गौरवशाली क्षण होने वाला है।
सुरजीत हॉकी अकादमी के सपनों की उड़ान
इस टूर्नामेंट के लिए चुनी गई भारतीय टीम में छह ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका संबंध जालंधर की प्रसिद्ध सुरजीत हॉकी अकादमी से है। इनमें अनुभवी प्लेमेकर मनप्रीत सिंह, कप्तान हरमनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, जरमनप्रीत सिंह, दिलप्रीत सिंह और गोलकीपर कृष्ण पाठक शामिल हैं। इन खिलाड़ियों के लिए जालंधर का मैदान केवल एक खेल का मैदान नहीं, बल्कि वह जगह है जहाँ उन्होंने अपने किशोरावस्था के सबसे महत्वपूर्ण वर्ष बिताए और हॉकी खेलना सीखा।
मनप्रीत सिंह, जिन्होंने अपने करियर में 430 से अधिक मैच खेले हैं और दो ओलंपिक पदक जीत चुके हैं, ने इस अवसर पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, "यह एक बहुत ही भावुक पल होने वाला है। जब हम नेशनल कैंप के लिए चुने गए थे, तो हम अपने साथ अपने सपने लेकर आए थे। सुरजीत हॉकी अकादमी में बिताए समय ने हमें न केवल खेलना सिखाया, बल्कि बड़े सपने देखने का साहस भी दिया।"
परिवार के सामने प्रदर्शन करने का इंतज़ार
खिलाड़ियों के लिए इस टूर्नामेंट का रोमांच केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवार के लिए भी यह एक ऐतिहासिक पल है। कई खिलाड़ी पहली बार अपने माता-पिता के सामने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलते हुए नजर आएंगे।
- दिलप्रीत सिंह: टीम के सबसे युवा स्ट्राइकर दिलप्रीत ने बताया कि उनके माता-पिता टूर्नामेंट शुरू होने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। वह कहते हैं, "मेरे माता-पिता मुझसे बार-बार पूछ रहे हैं कि टूर्नामेंट कब शुरू हो रहा है। वे तो मेरी ट्रेनिंग देखने भी आना चाहते हैं।"
- हरमनप्रीत सिंह: कप्तान हरमनप्रीत के लिए भी यह पल खास है क्योंकि उनके पिता ने उन्हें कभी स्टेडियम के अंदर बैठकर देश के लिए खेलते हुए नहीं देखा है।
- कृष्ण पाठक: नौ महीने के लंबे अंतराल के बाद वापसी कर रहे गोलकीपर पाठक ने पंजाब सरकार और हॉकी इंडिया का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जिस मैदान पर उन्होंने सात साल तक प्रशिक्षण लिया, वहीं खेलना उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है।
टूर्नामेंट का रोमांच और टीमें
एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026 में भारत का मुकाबला अपने अभियान की शुरुआत में 27 अक्टूबर को बांग्लादेश से होगा। यह मुकाबला जालंधर में खेला जाएगा। टूर्नामेंट में कुल छह टीमें हिस्सा लेंगी, जिनमें भारत के अलावा मलेशिया, जापान, चीन, दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश शामिल हैं।
यह टूर्नामेंट 27 अक्टूबर से शुरू होकर 2 नवंबर तक चलेगा, जिसमें जालंधर और मोहाली के मैदानों पर हॉकी का जबरदस्त रोमांच देखने को मिलेगा। खिलाड़ियों के लिए यह न केवल जीत हासिल करने का मौका है, बल्कि उस मिट्टी को नमन करने का भी अवसर है जिसने उन्हें विश्व स्तर का खिलाड़ी बनाया।