औरंगाबाद में कोहराम: तेज संगीत बज रहे ट्रैक्टर ने ली मासूम की जान

Ghazala Saheb15 October 20262 min read0 viewsBihar
औरंगाबाद में कोहराम: तेज संगीत बज रहे ट्रैक्टर ने ली मासूम की जान

बिहार के औरंगाबाद जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक नौ साल के मासूम की जान रेत से भरे ट्रैक्टर की चपेट में आने से चली गई। यह दर्दनाक हादसा रफीगंज थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव में बुधवार को हुआ, जिसके बाद पूरे इलाके में मातम छा गया है।

तेज संगीत के शोर में नहीं सुनाई दी चेतावनी

मिली जानकारी के अनुसार, हिमांशु कुमार नाम का नौ वर्षीय बच्चा गांव की एक गली में खेल रहा था। इसी दौरान एक रेत से भरा ट्रैक्टर पीछे की ओर (रिवर्स) आ रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रैक्टर में बहुत ही तेज आवाज में संगीत बज रहा था। जब ग्रामीणों ने देखा कि ट्रैक्टर बच्चे की ओर बढ़ रहा है, तो उन्होंने ड्राइवर को रोकने के लिए जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया।

"ग्रामीण चिल्लाते रहे, लेकिन ट्रैक्टर के साउंड सिस्टम का शोर इतना ज्यादा था कि ड्राइवर को किसी की आवाज सुनाई ही नहीं दी," एक स्थानीय निवासी ने बताया। इसी लापरवाही के चलते ट्रैक्टर का पिछला पहिया मासूम हिमांशु के ऊपर से गुजर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक हिमांशु कुमार विनोद पासवान और गुड़िया देवी का सबसे छोटा बेटा था। उसके पिता विनोद पासवान गांव से बाहर मजदूरी करते हैं, जबकि उसकी मां गुड़िया देवी घर पर ही अपने दोनों बेटों की परवरिश कर रही थीं। घटना के तुरंत बाद आनन-फानन में बच्चे को रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टर संजय कुमार ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया।

ग्रामीणों का आक्रोश और पुलिस की कार्रवाई

हादसे के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों ने ट्रैक्टर और उसके चालक को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। चालक की पहचान चौबड़ा गांव के निवासी के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही सब-इंस्पेक्टर पप्पू कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और चालक को हिरासत में ले लिया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। इनमें शामिल थे:

  • बीडीओ: कुमार अश्विनी
  • सीओ: सत्येंद्र कुमार
  • थानाध्यक्ष: शंभू कुमार

रेत माफियाओं के खिलाफ उठाई आवाज

इस घटना ने इलाके में रेत माफियाओं के बेलगाम ट्रैक्टरों और तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम के बढ़ते चलन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि रेत से भरे ट्रैक्टरों के अनियंत्रित संचालन और शोर मचाने वाले साउंड सिस्टम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी और मासूम की जान न जाए।

फिलहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

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