औरंगाबाद में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार बाइक ने मासूम को रौंदा, मौत

बिहार के औरंगाबाद जिले से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। विजयदशमी के त्यौहार की खुशियाँ उस वक्त मातम में बदल गईं, जब एक तेज रफ्तार अज्ञात मोटरसाइकिल ने दो मासूम बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हृदयविदारक हिट-एंड-रन हादसे में 8 साल के मासूम किट्टू की जान चली गई, जबकि उसका साथी घायल हो गया है।
आशीर्वाद लेने जा रहे थे बच्चे, रास्ते में हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार रात करीब 8:00 बजे की है। कुतुंबा ब्लॉक के रसोईया गाँव में बच्चे त्यौहार के अवसर पर गाँव के बुजुर्गों से मिलने और उनका आशीर्वाद लेने जा रहे थे। जब वे सड़क पार कर रहे थे, तभी कुतुंबा से अंबा की ओर जा रही एक बेहद तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण मदद के लिए दौड़े और दोनों बच्चों को कुतुंबा रेफरल अस्पताल पहुँचाया। 10 वर्षीय रौनक को मामूली चोटें आई हैं और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। लेकिन किट्टू की स्थिति अत्यंत गंभीर थी।
किट्टू को प्राथमिक उपचार के बाद औरंगाबाद सदर अस्पताल भेजा गया, जहाँ से डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (ANMMCH) रेफर कर दिया। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; गया पहुँचते ही डॉक्टरों ने किट्टू को मृत घोषित कर दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक बच्चे के पिता, वीरेंद्र सिंह, पेशे से एक ऑटो-रिक्शा चालक हैं। एक छोटे से परिवार के इकलौते चिराग के इस तरह चले जाने से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रसोईया गाँव के निवासी इस घटना से गहरे शोक में हैं।
ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं:
- दोषी की पहचान: फरार मोटरसाइकिल चालक को तुरंत पकड़ा जाए।
- कानूनी कार्रवाई: आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।
- मुआवजा: पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार की ओर से उचित मुआवजा दिया जाए।