औरंगाबाद पुलिस कार्रवाई: रातभर चला बड़ा अभियान, 43 संदिग्ध गिरफ्तार
औरंगाबाद पुलिस ने रातभर चलाए विशेष अभियान में 43 संदिग्धों को गिरफ्तार किया और भारी मात्रा में शराब, नशीला पदार्थ और वाहन जब्त किए।

बिहार के औरंगाबाद जिले में अपराध और अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए औरंगाबाद पुलिस कार्रवाई ने जबरदस्त तेवर दिखाए हैं। पुलिस अधीक्षक उपेंद्र कुमार वर्मा के नेतृत्व में जिले भर में रातभर एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत पुलिस ने 43 संदिग्धों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में शराब, नशीला पदार्थ और कई वाहन भी जब्त किए गए हैं।
गिरफ्तारी और बरामदगी का पूरा विवरण
पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए लोगों में से 11 को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:
- लूट का मामला: 01 व्यक्ति
- NDPS एक्ट (नशीला पदार्थ): 02 व्यक्ति
- हत्या का प्रयास: 01 व्यक्ति
- मद्यनिषेध अधिनियम (शराब): 09 व्यक्ति
- अन्य अपराध: 30 व्यक्ति
इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
- 78.40 लीटर देशी शराब
- 3.051 किलोग्राम नशीला पदार्थ (Contraband)
- एक मोबाइल फोन, एक कार और एक ई-रिक्शा
वाहन चेकिंग और साइबर सेल की बड़ी सफलता
पुलिस ने न केवल अपराधियों को पकड़ा, बल्कि जिले में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की। पुलिस ने सघन वाहन निरीक्षण अभियान चलाते हुए कुल 1,376 वाहनों की जांच की, जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वालों से 58,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
इसके साथ ही, साइबर पुलिस स्टेशन ने भी अपनी सक्रियता दिखाई और छापेमारी के दौरान 16,000 रुपये की राशि बरामद की। पुलिस की इस कार्रवाई में 36 वारंट तामील किए गए और एक संपत्ति कुर्की (Property Attachment) का आदेश भी लागू किया गया।
कानून व्यवस्था पर पुलिस का कड़ा रुख
इस पूरे अभियान की सफलता पर पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा ने कहा कि जिले में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस का सक्रिय होना बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विभिन्न इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय और निरंतर छापेमारी से ही आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सकती है।
"कानून व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस का सक्रिय रूप से शामिल होना आवश्यक है। जिले में सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे।"
— उपेंद्र नाथ वर्मा, पुलिस अधीक्षक