औरंगाबाद में पशु तस्करी का भंडाफोड़: 8 मवेशी बचाए गए, दो तस्कर गिरफ्तार
औरंगाबाद की नबीनगर पुलिस ने पशु तस्करी करते दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 8 मवेशियों को बचाया। आरोपी झारखंड के रहने वाले हैं।

बिहार के औरंगाबाद जिले में पुलिस ने पशु तस्करी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। नबीनगर पुलिस ने एक विशेष अभियान के दौरान दो तस्करों को गिरफ्तार किया है और आठ मवेशियों को सुरक्षित बचा लिया है।
टेटरिया मोड़ पर पुलिस की घेराबंदी
नबीनगर थाना प्रभारी मृत्युंजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि पुलिस टीम टेटरिया मोड़ पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध पिकअप ट्रक को रोका गया। जब पुलिस ने वाहन की तलाशी ली, तो वहां का नजारा बेहद हृदयविदारक था। ट्रक में आठ मवेशियों को बेहद तंग और अमानवीय परिस्थितियों में ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। जानवरों के पास न तो पीने के लिए पर्याप्त पानी था और न ही खाने के लिए चारा। पुलिस को संदेह है कि इन मवेशियों को कसाईखाने ले जाया जा रहा था।
झारखंड से जुड़े हैं तस्करी के तार
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान लकी खान और आरिफ खान के रूप में हुई है। ये दोनों झारखंड के पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के छिटोली गांव के निवासी हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे एक संगठित गिरोह का हिस्सा हैं, जो झारखंड से मवेशियों को पकड़कर अन्य राज्यों में बेचने का काम करते हैं। पुलिस को जांच में पता चला कि आरोपियों के पास मवेशियों के परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज मौजूद नहीं थे।
मवेशियों को गौशाला भेजा गया
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, बचाए गए आठ मवेशियों को सुरक्षित रूप से बभंडी के एक गौशाला में स्थानांतरित कर दिया गया है।
"हम बिहार और झारखंड की सीमा पर पशु तस्करी को रोकने के लिए लगातार विशेष अभियान चला रहे हैं। हम नागरिकों से अपील करते हैं कि यदि उन्हें कहीं भी अवैध पशु परिवहन या पशु क्रूरता की सूचना मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।"
— मृत्युंजय कुमार उपाध्याय, थाना प्रभारी (SHO), नबीनगर