अयोध्या मंदिर चोरी मामला: जयराम रमेश का बड़ा आरोप, बोले- 'हो रहा है कवर-अप'

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अयोध्या मंदिर चोरी मामला में दाखिल चार्जशीट पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया है कि इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
FIR दर्ज करने में 21 दिनों की देरी पर उठाए सवाल
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सबूत मिलने और FIR दर्ज होने के बीच एक संदिग्ध अंतराल था। चार्जशीट के मुताबिक, 4 जून को बाथरूम में 2.25 लाख रुपये मिलने का वीडियो मिला था और 5 जून को चंपत राय को CCTV फुटेज भी दिखाया गया था। इसके बावजूद, FIR 25 जून को दर्ज की गई।
रमेश ने तीखा सवाल पूछते हुए कहा, "जब CCTV फुटेज, बरामदगी और संदिग्ध कर्मचारियों की पहचान हो चुकी थी, तो आपराधिक कार्रवाई शुरू करने में इतनी देरी क्यों हुई? इन 21 दिनों में किसे बचाने की कोशिश की गई और क्या छिपाया गया?"
चोरी का बड़ा पैटर्न और सीमित जांच
चार्जशीट में चोरी की घटनाओं के संबंध में चौंकाने वाले विवरण दिए गए हैं। रमेश ने बताया कि:
- CCTV फुटेज में चढ़ावे को हटाने के 105 मामले सामने आए हैं।
- एक आरोपी को 85 बार पैसे निकालते हुए देखा गया है।
- अन्य आरोपियों की बार-बार संलिप्तता भी सामने आई है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब हजारों डिजिटल संदेशों और बैंक खातों की जांच की गई, तो जांच का दायरा केवल आठ आरोपियों तक ही क्यों सीमित रखा गया? क्या SIT ने केवल छोटे खिलाड़ियों को पकड़ा है?
वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर संदेह
रमेश ने इस बात पर