दहेज के लिए हत्या! बगहा कोर्ट ने सास-ससुर को सुनाई 7 साल की जेल

बिहार के बगहा से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां अदालत ने दहेज हत्या के एक मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने एक विवाहिता की मौत के लिए जिम्मेदार उसके सास और ससुर को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला समाज में दहेज जैसी कुप्रथा के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।
दोषियों को जेल और भारी जुर्माना
जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश IV, मानवेंद्र मिश्रा की अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए दोषी सास फाग्नी देवी और ससुर भुट्टी राय को सात साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। सजा के साथ-साथ अदालत ने दोनों दोषियों पर 25,000-25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यदि दोषी यह जुर्माना भरने में विफल रहते हैं, तो उन्हें छह महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
क्या था पूरा मामला?
यह हृदयविदारक घटना नौरंगिया थाना क्षेत्र के जरलहिया गांव की है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, विनीता देवी की शादी लगभग दो साल पहले जरलहिया निवासी मुन्ना राय के साथ हुई थी। विनीता के भाई राजू राय ने आरोप लगाया कि शादी के समय उनके परिवार ने विनीता के ससुराल वालों को निम्नलिखित चीजें दी थीं:
- फर्नीचर और कीमती गहने
- एक मोटरसाइकिल
- 2,00,000 रुपये नकद
इतना सब कुछ देने के बावजूद, विनीता को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। ससुराल पक्ष वाले उससे सोने की चेन की मांग करते थे और संतान न होने पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हुए ताने दिए जाते थे।
28 सितंबर की वह काली रात
मामले के अनुसार, 28 सितंबर 2025 की रात को विनीता देवी के साथ मारपीट की गई और कथित तौर पर उसका गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद, पीड़ित परिवार ने 1 अक्टूबर 2025 को नौरंगिया थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी।
छह महीने में हुआ फैसला
इस मामले की सुनवाई काफी तेजी से चली और लगभग छह महीने के भीतर ट्रायल पूरा कर लिया गया। अभियोजन पक्ष ने अपनी बात को साबित करने के लिए अदालत के सामने छह गवाहों को पेश किया।
"यह फैसला समाज में दहेज जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ एक बहुत ही मजबूत संदेश है।" — सरकारी वकील जितेंद्र भारती
सरकारी वकील जितेंद्र भारती ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो दहेज के लिए महिलाओं का उत्पीड़न करते हैं।