बगहा में नाली निर्माण में बड़ा खेल! मुखिया समेत कई पर FIR का आदेश

पश्चिम चंपारण के बगहा में नाली निर्माण में वित्तीय अनियमितता मिलने पर मुखिया और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया है।

Ghazala Saheb28 October 20262 min read0 viewsBihar
बगहा में नाली निर्माण में बड़ा खेल! मुखिया समेत कई पर FIR का आदेश

पश्चिम चंपारण जिले के बगहा प्रखंड से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। महिपुर भतौड़ा ग्राम पंचायत में नाली निर्माण योजना के नाम पर सरकारी धन की कथित बंदरबांट का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने मुखिया और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का सख्त आदेश जारी किया है।

जांच में खुली पोल, मास्टर रोल में मिले फर्जी नाम

अहिरवलिया निवासी रमेश प्रसाद की शिकायत पर हुई इस जांच में नाली निर्माण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। जांच के दौरान वार्ड संख्या छह में लालबाबू यादव के घर से लेकर स्वर्गीय नेउर राम के घर तक बनाई गई नाली का निरीक्षण किया गया।

जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:

  • फर्जी मजदूर: मास्टर रोल में दर्ज किए गए कई मजदूर पंचायत के निवासी ही नहीं पाए गए।
  • दोहरी ड्यूटी: कुछ मजदूरों के नाम पर भुगतान दिखाया गया, जबकि वे अन्य स्थानों पर काम कर रहे थे।
  • साक्ष्यों का अभाव: मजदूरी भुगतान के संबंध में कोई भी ठोस या पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया जा सका।

निर्माण सामग्री और गुणवत्ता पर भी उठे सवाल

भ्रष्टाचार का यह मामला केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर भी इसकी मार दिख रही है। जांच के दौरान पाया गया कि नाली के कुछ स्लैब क्षतिग्रस्त स्थिति में हैं और वहां जलजमाव की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा, निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री की आपूर्ति से संबंधित कोई भी प्रमाण पेश नहीं किया जा सका, जिससे सामग्री की गुणवत्ता और खरीद पर संदेह गहरा गया है।

मुखिया और अधिकारियों पर गिरेगी गाज

इस वित्तीय अनियमितता में केवल जनप्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि पंचायत के कई कर्मी भी लिप्त नजर आ रहे हैं। लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए निम्नलिखित लोगों के विरुद्ध FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है:

  1. ग्राम पंचायत के मुखिया
  2. तत्कालीन पंचायत सचिव
  3. तकनीकी सहायक
  4. लेखापाल
  5. मेठ और सामग्री आपूर्तिकर्ता

इसके साथ ही, सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ आरोप पत्र गठित कर वरीय अधिकारियों को भेजने का निर्देश दिया गया है। मामले की गहराई को देखते हुए मुखिया के पूरे कार्यकाल के दौरान संचालित सभी योजनाओं की जिला स्तरीय जांच कराने की भी अनुशंसा की गई है।

Share:

Comments

Leave a comment