गंडक का तांडव: बगहा के कई मोहल्लों में घुसा पानी, घरों में मचा हाहाकार

पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। रविवार देर रात वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद शहर के कई निचले इलाकों में पानी घुस गया है, जिससे स्थानीय लोगों के बीच दहशत का माहौल है।
इन इलाकों में घुसा पानी
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, बैराज से छह लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण बगहा के कई महत्वपूर्ण मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं। इनमें मुख्य रूप से मंगलपुर, कैलाशनगर, गोडियापट्टी, दीनदयाल नगर और रतनमाला शामिल हैं। कई घरों के भीतर पानी प्रवेश कर जाने से लोगों का घरेलू सामान खराब हो रहा है और उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने लिया जायजा
बढ़ते जलस्तर और लोगों की परेशानी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बगहा की अनुमंडल पदाधिकारी चांदनी कुमारी ने कैलाशनगर के प्रभावित वार्डों और मंगलपुर के पास गंडक नदी के जलस्तर का स्वयं निरीक्षण किया।
इस संकट की घड़ी में बगहा विधायक राम सिंह और नगर सभापति प्रतिनिधि पप्पू कुमार ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। जनप्रतिनिधियों ने अनुमंडल प्रशासन से मांग की है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल राहत सामग्री और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
राहत कार्यों में जुटा प्रशासन
बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए राहत कार्यों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। बगहा-2 अंचल के लक्ष्मीपुर-रमपुरवा स्थित राहत केंद्र में वर्तमान में 304 बाढ़ प्रभावित लोगों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार राहत सामग्री, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है।
नेपाल से भी बढ़ रहा है जलस्तर
नदी के जलस्तर में निरंतर हो रही वृद्धि का एक बड़ा कारण नेपाल से आने वाला पानी है। जिला प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, दोपहर दो बजे तक नेपाल के देवघाट क्षेत्र से 2,83,283 क्यूसेक जलस्राव दर्ज किया गया था। प्रशासन द्वारा नदी के जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है, और अधिकारियों को बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।