बगहा: बच्चों को सिखाए सुरक्षा के मंत्र, गुड टच-बैड टच और साइबर अपराध पर दी जानकारी

पश्चिम चम्पारण के बगहा में पुलिस ने स्कूली बच्चों को बाल अधिकार, गुड टच-बैड टच और साइबर अपराध से बचने के तरीके सिखाए।

Ghazala Saheb30 October 20262 min read0 viewsBihar
बगहा: बच्चों को सिखाए सुरक्षा के मंत्र, गुड टच-बैड टच और साइबर अपराध पर दी जानकारी

पश्चिम चम्पारण जिले के बगहा में स्कूली बच्चों को सुरक्षित रखने और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति सचेत करने के लिए एक विशेष पहल की गई है। अखिल भारतीय सुरक्षित बचपन अभियान के तहत बगहा पुलिस ने राजकीय प्राथमिक बुनियादी विद्यालय, हरनाटांड़ में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को विभिन्न प्रकार के अपराधों, सुरक्षा उपायों और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।

गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझना है जरूरी

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को बहुत ही संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय पर जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को गुड टच (Good Touch) और बैड टच (Bad Touch) के बीच का अंतर विस्तार से समझाया। बच्चों को प्रेरित किया गया कि यदि कोई उनके साथ किसी भी प्रकार का अनुचित व्यवहार करता है, तो उन्हें डरने या चुप रहने के बजाय तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए।

साइबर अपराध और मानव तस्करी से बचाव के उपाय

आज के डिजिटल युग में बच्चों को साइबर खतरों से बचाना भी बेहद जरूरी है। पुलिस टीम ने बच्चों को साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने की सलाह देते हुए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश दिए:

  • किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
  • ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान हमेशा सतर्कता बरतें।
  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।

इसके साथ ही, बच्चों को मानव तस्करी (Human Trafficking) के खतरों, महिला सुरक्षा और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के प्रावधानों के बारे में भी विस्तार से शिक्षित किया गया।

आपातकालीन स्थिति के लिए इन हेल्पलाइन नंबरों को रखें याद

बच्चों और अभिभावकों की सहायता के लिए कार्यक्रम में विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई, ताकि जरूरत पड़ने पर वे बिना देरी किए मदद मांग सकें:

  • 112: आपातकालीन सहायता के लिए
  • 181: महिला सहायता के लिए
  • 1098: चाइल्ड हेल्पलाइन (बच्चों की सहायता के लिए)
  • 1930: साइबर अपराध की शिकायत के लिए

इस दौरान एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) के कार्यों और बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा में 'पुलिस दीदी' की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में भी बताया गया। इस जागरूकता कार्यक्रम में डीएसपी मुख्यालय, एएचटीयू की टीम, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बच्चों को जागरूक, सतर्क और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।

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