लोरिकधाम में बाबा बजरंगबली की प्राण प्रतिष्ठा: 351 बेटियों ने निकाली भव्य कलश यात्रा
सुपौल के लोरिकधाम में बाबा बजरंगबली की प्राण प्रतिष्ठा हुई। 351 बालिकाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भव्य कलश यात्रा निकालकर क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया।

सुपौल जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लोरिकधाम हरदी दुर्गा स्थान में शनिवार को आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मां वन दुर्गा मंदिर परिसर के नवनिर्मित मंदिर में बाबा बजरंगबली की प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान बेहद हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल पैदा कर दिया है।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ अनुष्ठान
मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान चारों ओर 'जय बजरंगबली' और 'जय मां वन दुर्गा' के जयकारे गूंजते रहे। विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ बाबा बजरंगबली की प्राण प्रतिष्ठा की प्रक्रिया पूरी की गई। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
351 बालिकाओं की कलश यात्रा बनी मुख्य आकर्षण
इस धार्मिक उत्सव का सबसे मनमोहक दृश्य तब देखने को मिला जब 351 बालिकाओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली। पारंपरिक वेशभूषा में सजी ये बालिकाएं अपने सिर पर कलश लेकर चल रही थीं, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना।
कलश यात्रा का मार्ग इस प्रकार रहा:
- मां वन दुर्गा मंदिर परिसर से शुरुआत
- दुर्गास्थान
- आज़ान
- हरदी
- विशनपुर
- पुनः मंदिर परिसर में समापन
यात्रा के दौरान विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर बालिकाओं और श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
संस्कृति और संस्कारों का प्रतीक है यह आयोजन
"बाबा बजरंगबली की प्राण प्रतिष्ठा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के लिए आस्था, एकता और संस्कारों का प्रतीक है। 351 बालिकाओं की यह कलश यात्रा हमारी बेटियों की शक्ति और सांस्कृतिक चेतना को दर्शाती है।"
मंदिर न्यास समिति के सचिव डॉ. अमन कुमार ने इस अवसर पर कहा कि मां वन दुर्गा और बाबा बजरंगबली की कृपा से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि का वास रहेगा। उन्होंने इस मंदिर निर्माण में जनसहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं और ग्रामीणों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए गणमान्य लोग
इस विशेष अवसर पर न्यास समिति के कोषाध्यक्ष जगदीश प्रसाद यादव, भगवानदत्त यादव, अरुण यादव, हृदय नारायण मुखिया, जीवनेश्वर पाठक, देवेंद्र यादव, छोटेलाल मेहता, मुख्य महंत नरेश दास, प्रशम प्रकाश, मुन्ना चमन, शंभु यादव, गोपाल क्रांति, रामचंद्र यादव, छूतहरु दास, सिंहेश्वरी दास, रविंद्र कुमार, ललित मुखिया, विवेक कुमार सहित बड़ी संख्या में साधु-संत, महिलाएं और स्थानीय युवा उपस्थित रहे।