बख्तियारपुर-फतुहा रेल लाइन: 931 करोड़ से बिछेगी तीसरी और चौथी पटरी, अब दौड़ेगी तेज ट्रेनें

Ghazala Saheb3 October 20262 min read0 viewsBihar
बख्तियारपुर-फतुहा रेल लाइन: 931 करोड़ से बिछेगी तीसरी और चौथी पटरी, अब दौड़ेगी तेज ट्रेनें

बिहार के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। रेलवे बोर्ड ने बख्तियारपुर और फतुहा के बीच रेल लाइन के विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह 24 किलोमीटर का रेल खंड, जो बिहार के महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है, अब तीसरी और चौथी लाइन से लैस होने जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 931 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

जमीन अधिग्रहण और काम की समयसीमा

पूर्व मध्य रेलवे की मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सरस्वती चंद्र ने इस परियोजना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस विस्तार के लिए लगभग 6.6 हेक्टेयर निजी और सरकारी भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।

प्रोजेक्ट की प्रगति को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि:

  • राजस्व विभाग और रेल प्रशासन द्वारा संयुक्त सर्वेक्षण का काम पूरा कर लिया गया है।
  • भूमि हस्तांतरण और मुआवजे के वितरण के लिए औपचारिक गजट अधिसूचना की तैयारी चल रही है।
  • निर्माण एजेंसी के चयन के लिए अक्टूबर महीने के भीतर टेंडर जारी किए जाने की उम्मीद है।
  • भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया नवंबर से शुरू होने की संभावना है।

17,000 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का हिस्सा

यह बख्तियारपुर-फतुहा प्रोजेक्ट कोई अकेला प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह एक बहुत बड़े बुनियादी ढांचे के विकास का हिस्सा है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय (DDU) जंक्शन से झाझा तक 400 किलोमीटर लंबे रेल नेटवर्क के विस्तार के लिए कुल 17,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।

इस विशाल योजना को छह चरणों में विभाजित किया गया है:

  1. DDU-दानापुर
  2. दानापुर-फतुहा
  3. फतुहा-बख्तियारपुर
  4. बख्तियारपुर-पुनारख
  5. पुनारख-किऊल
  6. किऊल-झाझा

यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?

इस नई रेल लाइन के बिछने से रेल परिचालन में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, इस विस्तार से मुख्य रूप से पटना-DDU और पटना-हावड़ा रूट पर होने वाली भीड़भाड़ और जाम से राहत मिलेगी।

"नई लाइनों के जुड़ने से बाहरी सिग्नलों पर होने वाली देरी कम होगी और परिचालन क्षमता में सुधार होगा। इससे लंबी दूरी की ट्रेनों की गति में 15% से 20% तक की वृद्धि होने का अनुमान है।"

इस सुधार का सीधा लाभ यात्रियों को समय पर ट्रेन मिलने के रूप में मिलेगा। साथ ही, मालगाड़ियों की आवाजाही सुगम होने से माल ढुलाई की दक्षता और समयबद्धता में भी काफी सुधार होगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

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