निर्दलीय MLCs की भाजपा में एंट्री पर बवाल, सदस्यता रद्द करने की मांग!
जन सुराज ने निर्दलीय MLC बंशीधर बृजवासी और राहुल राज की भाजपा में शामिल होने पर उनकी सदस्यता रद्द करने के लिए सभापति को ज्ञापन सौंपा।

पटना में बिहार की राजनीति गरमा गई है। जन सुराज के एक प्रतिनिधिमंडल ने बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति प्रो. डॉ. रामवचन राय से मुलाकात की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य निर्दलीय चुने गए दो विधान पार्षदों (MLCs) की सदस्यता रद्द करने की मांग करना और इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपना था।
72 घंटे के भीतर ही बदल ली पार्टी
पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना के नेतृत्व में पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित निर्दलीय विधान पार्षद बंशीधर बृजवासी और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित निर्दलीय विधान पार्षद राहुल राज ने चुनाव जीतने के महज 72 घंटे के भीतर ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली।
संविधान की दसवीं अनुसूची का हवाला
प्रतिनिधिमंडल ने सभापति को संविधान की दसवीं अनुसूची की याद दिलाई। उन्होंने तर्क दिया कि यदि कोई निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव जीतने के बाद किसी राजनीतिक दल की सदस्यता ग्रहण करता है, तो उसकी सदस्यता समाप्त की जा सकती है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जन सुराज ने न केवल सभापति से संज्ञान लेने की मांग की है, बल्कि उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (बिहार), मुख्य सचिव और संबंधित आयुक्त को भी इस प्रकरण में पक्षकार बनाया है।
पुख्ता सबूतों के साथ सौंपा ज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि दोनों नेताओं ने स्वयं सार्वजनिक रूप से भाजपा में शामिल होने की बात स्वीकार की है। इस दावे को पुख्ता करने के लिए सभापति को एक पेन ड्राइव भी सौंपी गई है, जिसमें निम्नलिखित साक्ष्य शामिल हैं:
- समाचार पत्रों में प्रकाशित उनके बयान
- मीडिया में दिए गए उनके आधिकारिक बयान
- अन्य संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य
सभापति का आश्वासन और न्याय की उम्मीद
"यह एक गंभीर मामला है और हम सभी आवश्यक कानूनी एवं संवैधानिक मंचों का इस्तेमाल करते हुए इस पर उचित कार्रवाई करेंगे।"
सभापति प्रो. डॉ. रामवचन राय ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि वे मामले की गंभीरता को समझते हैं और कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई करेंगे।
वहीं, पूर्व विधान पार्षद रामबली सिंह चंद्रवंशी ने सभापति के समक्ष यह चिंता भी जताई कि यदि न्याय मिलने में देरी होती है, तो इससे न्याय मिलने की उम्मीद भी कमजोर हो जाती है।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान जन सुराज के प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना, पूर्व एमएलसी रामबली चंद्रवंशी, सुभाष कुशवाहा, तेज नारायण सहनी, सुरेश पटेल, ओबैदुर रहमान सहित कई अन्य सदस्य मौजूद थे।