बरेली में यूपी बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय का वरिष्ठ सहायक 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद क्षेत्रीय कार्यालय, बरेली में तैनात एक वरिष्ठ सहायक को सतर्कता विभाग की टीम ने छात्र की इंटरमीडिएट की मार्कशीट में नाम और माता के नाम की त्रुटि सुधारने के एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गुरुवार को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। सतर्कता विभाग के पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान नावेद के रूप में हुई है। वह माध्यमिक शिक्षा परिषद क्षेत्रीय कार्यालय बरेली में वरिष्ठ सहायक पद पर तैनात है और कार्यालय में कमरा नंबर 22 में बैठता है। आरोपी मूल रूप से फर्रुखाबाद जिले के फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र स्थित 180 भूसा मंडी का निवासी बताया गया है। सतर्कता विभाग ने मामला दर्ज कराया है।
रिश्वतखोरी का पूरा मामला
सतर्कता विभाग के मुताबिक एक छात्र की इंटरमीडिएट की मार्कशीट में उसके नाम से संबंधित त्रुटि थी। मार्कशीट में नाम के आगे लिखे 'कु.' को सही कराया जाना था। इसके अलावा छात्र की मां के नाम में भी गलती दर्ज थी, जिसे ठीक कराने के लिए छात्र आरोपी वरिष्ठ सहायक के पास पहुंचा था। आरोप है कि संबंधित कार्य करने के बदले मोहम्मद नावेद ने छात्र से 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। छात्र ने रिश्वत देने के बजाय इसकी शिकायत उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान की बरेली सेक्टर इकाई के अधिकारियों से कर दी। शिकायत मिलने के बाद सतर्कता विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच की। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने पर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई गई।
विजिलेंस टीम की कार्रवाई
20 अगस्त गुरुवार शाम सतर्कता विभाग टीम शिकायतकर्ता के साथ मौके पर पहुंची और शिकायतकर्ता ने आरोपी को 10 हजार रुपये नकद दिए। जैसे ही आरोपी ने कथित रिश्वत की रकम अपने कब्जे में ली, सतर्कता टीम ने उसे पकड़ लिया। टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। बरेली में माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के क्षेत्रीय कार्यालय के एक वरिष्ठ सहायक को दस हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई एक छात्रा की शिकायत पर की गई। वरिष्ठ सहायक ने छात्रा से उसकी मार्कशीट में मां का नाम ठीक करने के लिए रिश्वत मांगी थी। विजिलेंस टीम ने बृहस्पतिवार को क्षेत्रीय कार्यालय में छापा मारकर आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी का नाम नवेद है।
छात्रा की शिकायत और विजिलेंस का ट्रैप
छात्रा प्रिया ने बताया कि उसकी इंटरमीडिएट की मार्कशीट में मां का नाम 'सुनीता' की जगह 'उनीता' हो गया है। उसने सुधार के लिए क्षेत्रीय कार्यालय में शिकायत की थी। लगातार चक्कर लगाने के बाद भी काम नहीं हुआ। नाम सुधारने के लिए वरिष्ठ सहायक नवेद ने छात्रा से दस हजार रुपये की मांग की थी। छात्रा क्षेत्रीय कार्यालय के कई चक्कर लगाकर थक गई थी। इसके बाद उसने विजिलेंस के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अरविंद कुमार से शिकायत की। जांच में आरोप सही पाए गए। एसपी ने एक ट्रैप टीम का गठन किया। टीम ने क्षेत्रीय कार्यालय में नावेद को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा और दस हजार रुपये भी बरामद किए। आरोपी से फिलहाल पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई से क्षेत्रीय कार्यालय में खलबली मच गई।