बीएयू सबौर में रबी अनुसंधान की बड़ी बैठक, किसानों को मिलेगी नई तकनीक

बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर में 29-30 अक्टूबर को रबी अनुसंधान परिषद की 32वीं बैठक होगी। कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह की अध्यक्षता में नई तकनीकें आएंगी सामने।

Ghazala Saheb27 October 20262 min read0 viewsBihar
बीएयू सबौर में रबी अनुसंधान की बड़ी बैठक, किसानों को मिलेगी नई तकनीक

भागलपुर के सबौर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) में आगामी 29 और 30 अक्टूबर को कृषि जगत की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। रबी (वासंतिक) 2026-27 की 32वीं अनुसंधान परिषद की इस दो दिवसीय बैठक में खेती-किसानी को आधुनिक बनाने और वैज्ञानिक शोधों को खेतों तक पहुँचाने की दिशा में बड़े कदम उठाए जाएंगे।

कुलपति की अध्यक्षता में होगा 'कृषि मंथन'

इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह करेंगे। इस दो दिवसीय 'कृषि मंथन' के दौरान विश्वविद्यालय के तहत संचालित विभिन्न कृषि अनुसंधान परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की जाएगी। विशेषज्ञ समिति इस बात का जायजा लेगी कि वर्तमान में चल रहे शोध कार्य कितने सफल हैं और उनकी उपलब्धियां खेतों में किसानों के लिए कितनी उपयोगी साबित हो रही हैं।

किसानों की समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान

इस बैठक की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसमें केवल प्रशासनिक अधिकारी और वैज्ञानिक ही नहीं, बल्कि बिहार के विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील किसानों के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेतों में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के लिए ठोस वैज्ञानिक विकल्प प्रदान करना है।

बैठक में इस बात पर विशेष रणनीति तैयार की जाएगी कि:

  • वैज्ञानिक उपलब्धियों को सीधे किसानों के खेतों तक कैसे पहुँचाया जाए।
  • आधुनिक अनुसंधानों का प्रभावी ढंग से प्रसार कैसे किया जाए।
  • खेती में आ रही चुनौतियों के लिए नए वैज्ञानिक समाधान कैसे तैयार किए जाएं।

नई फसल किस्में और आधुनिक तकनीकें होंगी पेश

किसानों के लिए यह बैठक बेहद फायदेमंद साबित होने वाली है। इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिक किसानों की उपज बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई नई फसल किस्मों (वैरायटी) और आधुनिक कृषि तकनीकों का विमोचन भी कर सकते हैं।

इस कवायद से न केवल राज्य में कृषि अनुसंधान को एक नई दिशा मिलेगी, बल्कि किसानों की जरूरतों के मुताबिक आधुनिक तकनीकों के विकास और उनके प्रसार को भी बड़ी रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

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