महाराष्ट्र में सूखे पर सियासी संग्राम: PM मोदी से MVA सांसदों की मुलाकात पर बोले मंत्री बावंकुले, कहा- 'मिलेगा सकारात्मक परिणाम'

Prakriti Singh22 September 20262 min read5 viewsMaharashtra
महाराष्ट्र में सूखे पर सियासी संग्राम: PM मोदी से MVA सांसदों की मुलाकात पर बोले मंत्री बावंकुले, कहा- 'मिलेगा सकारात्मक परिणाम'

महाराष्ट्र में सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए महा विकास अघाड़ी (MVA) के सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के फैसले ने राज्य में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। इस महत्वपूर्ण कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावंकुले ने कहा है कि प्रधानमंत्री से बातचीत करने से राज्य को निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।

प्रधानमंत्री से मिलकर बताएं जमीनी हकीकत

पत्रकारों से बातचीत करते हुए बावंकुले ने कहा कि सांसदों को प्रधानमंत्री से मिलकर राज्य की वास्तविक स्थिति से अवगत कराना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार हमेशा से ही महाराष्ट्र के किसानों की मदद के लिए तत्पर रही है।

"सांसदों को प्रधानमंत्री से मिलना चाहिए और उन्हें स्थिति की वास्तविकता बतानी चाहिए। केंद्र सरकार ने सूखे के दौरान हमेशा सहायता प्रदान की है। जब सभी सांसद उनसे मिलेंगे, तो प्रधानमंत्री मोदी की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने की पूरी उम्मीद है।"

सरकार का दावा: 32,000 करोड़ की कर्ज माफी और बिजली राहत

इसी बीच, कैबिनेट मंत्री पंकजा मुंडे ने भी किसानों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का दावा किया। उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन सूखे की स्थिति से निपटने के लिए व्यापक कदम उठा रहा है।

मुंडे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा किए गए महत्वपूर्ण वित्तीय हस्तक्षेपों का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार किसानों पर बोझ कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने निम्नलिखित राहतों का जिक्र किया:

  • 32,000 करोड़ रुपये की कर्ज माफी लागू की गई है।
  • किसानों के बिजली बिलों को माफ कर दिया गया है।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और फसल नुकसान के सभी मामलों की समीक्षा करने के बाद ठोस कदम उठाए जाएंगे।

विपक्ष का तीखा हमला: 'सरकार किसानों की सुध नहीं ले रही'

दूसरी तरफ, विपक्ष ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वाडेटीवार ने सरकार पर किसानों के प्रति उदासीनता बरतने और उन्हें संकट में छोड़ने का आरोप लगाया।

वाडेटीवार ने सरकार के समक्ष तत्काल राहत के लिए कुछ प्रमुख मांगें रखी हैं:

  1. राज्य में तुरंत सूखा घोषित किया जाए।
  2. पीड़ित किसानों को 50,000 रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए।
  3. सभी कृषि ऋणों की पूर्ण माफी की जाए।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों की बदहाली के कारण वे सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं और सरकार को उनकी मांगों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।

Share:

Comments

Leave a comment